कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हल्ला बोलते हुए कहा कि देश जिस प्रकार की आर्थिक आपदा का सामना कर रहा है, वह असहनीय है. पूरे देश में जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है, ऐसे में आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 के आम चुनाव को देखते हुए कई आर्थिक सुधारों की बात कही थी और कई योजनाओं को लागू भी किया गया था, क्या यह उन्हीं तथाकथित सुधारों का नतीजा है.
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने ममता ने फेसबुक पर लिखा कि देश जिस आर्थिक आपदा का सामना कर रहा है, वह असहनीय है. कीमतों में इजाफे की वजह से लोग बहुत परेशान हैं और देश बुरे सपने की स्थिति से गुजर रहा है.
यूपीए सरकार की पूर्व सहयोगी ममता बनर्जी ने कहा कि पेट्रोल से लेकर प्याज तक, डीजल से लेकर डॉलर तक, खाद से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक, सभी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं. यहां तक कि आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा भी दावं पर लगी हुई है. उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह केंद्र सरकार की तरफ से लाये गये उन तथाकथित सुधारों व गतिविधियों का नतीजा है जो लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर किये गये. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को इस तरह नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने सवाल किया कि क्या यह आम लोगों की कीमत पर कुछ राजनीतिक पार्टियों को संतुष्ट करने की चाल है.
लोगों को आर्थिक परेशानियों व आंतरिक और बाहरी सुरक्षा खतरों से बचाने का दावा करनेवाले देश के नेता कहां हैं. उन्होंने कहा कि एक नागरिक के तौर पर उन्हें अपने देश पर गर्व है. लिहाजा, वह अपने देश के लोगों के साथ अपनी गंभीर चिंता को साझा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इस समय जनमत व लोगों को एकजुट करने की बहुत ज्यादा जरूरत है. उन्होंने देश को बचाने का सामूहिक प्रयास करने की अपील की.
