हाइकोर्ट के निर्देश पर पांच साल का फरहाद लौटा स्वदेश

बालुरघाट: पांच महीनों से भारत की जेल में कैद एक बांग्लादेशी घुसपैठी बच्चे को कलकत्ता हाइकोर्ट के निर्देश पर दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन ने स्वदेश भेज दिया. आज जिला शासक तापस चौधरी ने बच्चे की मां का पहचान पत्र देख कर बच्चे को उसके हाथों सौंप दिया. बच्चे का नाम फरहाद अली (पांच) है. अपनी […]

बालुरघाट: पांच महीनों से भारत की जेल में कैद एक बांग्लादेशी घुसपैठी बच्चे को कलकत्ता हाइकोर्ट के निर्देश पर दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन ने स्वदेश भेज दिया. आज जिला शासक तापस चौधरी ने बच्चे की मां का पहचान पत्र देख कर बच्चे को उसके हाथों सौंप दिया. बच्चे का नाम फरहाद अली (पांच) है.

अपनी मां को इतने दिनों बाद पास देखकर फरहाद उसके सीने से लग गया. मां रूमा बेगम भी अपने बच्चे को सीने से लगा कर खुशी के आंसू रोक नहीं पायी. आज अपने बेटे को लेकर रूमा बेगम ठाकुरगांव जिले के बालियाडांगी थाना के बड़ो पलाशपुर में अपने घर रवाना हो गयी. जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को दक्षिण दिनाजपुर जिले के भारत-बांग्लादेश सीमांत के हिली थाना इलाके में पुलिस ने 16 सदस्यीय एक बांग्लादेशी घुसपैठिए दल को दबोचा था.

पुलिस ने बांग्लादेशियों को बालुरघाट जिला अदालत में पेश किया था. अदालत ने बांग्लादेशियों को दो सालों तक सश्रम कारावास की सजा सुनायी. इस दल में फरहाद अली व उसके पिता तामिजुद्दीन भी शामिल थे. फरहाद की रिहाई के लिए मां रूमा बेगम बालुरघाट जिला अदालत में जमानत अर्जी दायर की. बालुरघाट जिला अदालत ने अर्जी खारिज कर दिया.

जिसके बाद रूमा हाईकोर्ट में मदद के लिए पहुंची. हाईकोर्ट ने बीते आठ अगस्त को बच्चे को उसके मां के हाथों सौंप कर उन्हें बांग्लादेश भेजने का निर्देश दिया. जिसके बाद दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन ने बच्चे को उसके मां के हाथों सौंप दिया. सरकारी अधिवक्ता सुभाष चाकी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के तहत दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन ने फरहाद को उसके मां को सौंप दिया. जिला शासक तापस चौधरी ने बच्चे केा उसके मां के हवाले कर दिया.

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