गैरहाजिर सरकारी कर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी

कोलकाता/दार्जिलिंग : अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोरचा के बेमियादी पहाड़ बंद के छठे दिन राज्य सरकार ने अपना रुख कड़ा कर लिया. सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल व कॉलेजों को खोलने का निर्देश दिया है. सभी सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों व प्रोफेसरों को डय़ूटी पर आने […]

कोलकाता/दार्जिलिंग : अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोरचा के बेमियादी पहाड़ बंद के छठे दिन राज्य सरकार ने अपना रुख कड़ा कर लिया. सरकार ने जनजीवन सामान्य बनाने के लिए सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल व कॉलेजों को खोलने का निर्देश दिया है. सभी सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों व प्रोफेसरों को डय़ूटी पर आने का फरमान सुनाया गया है. ड्यूटी पर नहीं आने पर सरकार ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. मुख्य सचिव संजय मित्र ने गुरुवार को राइटर्स बिल्डिंग में कहा कि दाजिर्लिंग की स्थिति अब बरदाश्त के बाहर हो गयी है.

सरकार हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठ सकती. अगर किसी कर्मचारी को कार्यालय तक पहुंचने में सुरक्षा चाहिए, तो वह भी राज्य सरकार मुहैया करायेगी. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. वहीं, उन्होंने मोरचा सदस्यों को चेताते हुए कहा कि बंद के संबंध में हाइकोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि प्रदर्शन के कारण आम जनजीवन पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए.

इसलिए प्रदर्शनकारियों को भी इसका ख्याल रखना होगा. अगर कोई कानून हाथ में लेने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. गृह सचिव बासुदेव बनर्जी ने कहा कि वह पिछले तीन दिन दाजिर्लिंग में थे और वहां के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण दाजिर्लिंग के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज व बाजार बंद हैं. इससे वहां के स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि चाय बागानों में भी काम बंद है. वहां के श्रमिक भी भुखमरी के शिकार हो रहे हैं. इसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा.

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