कोलकाता: एड्स को लेकर जागरूकता अभियान चलाने वाले कई संगठनों की ओर से बुधवार को मांग की गयी है कि पिछले छह वर्षो से लंबित नेशनल कोलिशन ऑफ एचआइवी एड्स बिल को लोकसभा के मानसून सत्र में पास किया जाये.
संगठनों के पक्ष के अधिवक्ता रमन चावला ने बताया कि उक्त बिल के पास होने से इस बीमारी से ग्रसित मरीजों को कई सुविधाएं मिल सकेंगी. कथित तौर पर विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में एड्स से पीड़ित मरीजों को नजरअंदाज करने की बात सामने आती है.
बिल के पास होने से एड्स पीड़ितों को रोजगार के क्षेत्र में अनदेखी किये जाने का सामना करना नहीं पड़ेगा. एड्स पीड़ितों के लिए कार्य करने वाले संगठन साथी की वरिष्ठ कार्यकर्ता सुधा झा ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 2.10 मिलियन लोग एड्स की चपेट में हैं जबकि राज्य में करीब 50 हजार लोग एड्स की बीमारी से ग्रसित हैं. इनमें लगभग 35 हजार मरीज ही चिकित्सा का लाभ उठा रहे हैं जबकि शेष 15 हजार मरीज उपयरुक्त चिकित्सा से वंचित हैं.
