कोलकाता: पंचायत चुनाव में मिली जीत के बाद राज्य सरकार ने अब ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के गठन की कवायद शुरू कर दी है. मंगलवार को ग्राम पंचायत के गठन को लेकर राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की जायेगी और इसके लिए 14 से 19 अगस्त तक चुनाव होंगे. यह जानकारी सोमवार को राज्य के पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने राइटर्स बिल्डिंग में दी.
गौरतलब है कि सोमवार को पंचायत बोर्ड गठन के लिए पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने राज्य की कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, पंचायत समिति के बोर्ड गठन के लिए 30 अगस्त से तीन सितंबर व जिला परिषद के गठन के लिए सात सितंबर से 14 सितंबर तक चुनाव होंगे. पंचायत समिति व जिला परिषद के बोर्ड गठन से सात से 21 दिन पहले राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जायेगी. चुनाव प्रक्रिया शेष होने के बाद बोर्ड गठन करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. बोर्ड का गठन होने के बाद ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्यों को पंचायत विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जायेगा.
उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के कारण सबसे अधिक कोई विभाग प्रभावित हुआ है तो वह है पंचायत. इस विभाग की सभी कार्यकलापों पर विराम लग गया है. जब तक चुनावी अधिसूचना की समयसीमा खत्म नहीं हो जाती है, तब तक यहां विकास कार्य शुरू नहीं हो सकता. इस संबंध में जिलों में रुके हुए पंचायत विभाग के कार्यो की समीक्षा के लिए 12 अगस्त को सभी जिलाधिकारियों की बैठक बुलायी गयी है.
बोर्ड गठन के लिए क्यों होता है चुनाव
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद के जो भी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. अब ग्राम पंचायत में कौन प्रधान होगा, कौन-कौन इसके सदस्य होंगे. इसके चयन के लिए विजयी प्रत्याशी अपना वोट देते हैं. ग्राम पंचायत के साथ ही पंचायत समिति व जिला परिषद तीनों स्तर के विजयी उम्मीदवार इन बोर्ड के गठन के लिए वोट देते हैं. जिला परिषद के अध्यक्ष का चयन भी इस वोट के माध्यम से ही होता है.
जिस प्रकार से नगर पालिका व नगर निगम के विभिन्न विभागों के लिए एक-एक सदस्य होते हैं, इसी प्रकार ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद में विभिन्न विभागों के सदस्य होते हैं.
