राज्य में आलू व्यवसायियों की हड़ताल, आज दबाव में सरकार

कोलकाता: पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों को आलू भेजने पर रोक लगने से नाराज आलू व्यवसायियों ने सोमवार को एक दिन की हड़ताल का एलान किया है. उधर, झारखंड व ओड़िशा सरकार की ओर से भी पश्चिम बंगाल पर दबाव बनाया जा रहा है. इसके मद्देनजर बंगाल सरकार का रवैया नरम होने के आसार लग […]

कोलकाता: पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों को आलू भेजने पर रोक लगने से नाराज आलू व्यवसायियों ने सोमवार को एक दिन की हड़ताल का एलान किया है. उधर, झारखंड व ओड़िशा सरकार की ओर से भी पश्चिम बंगाल पर दबाव बनाया जा रहा है.

इसके मद्देनजर बंगाल सरकार का रवैया नरम होने के आसार लग रहे हैं. पश्चिम बंग प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति के महासचिव वरेन मंडल ने कहा कि सोमवार को राज्य के 50 हजार आलू व्यवसायी आलू की बिक्री नहीं करेंगे. हड़ताल में आलू श्रमिक भी शामिल होंगे. व्यवसायी समिति ने पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों को आलू भेजने पर रोक लगने और राज्य की सीमा पर आलू लदे ट्रक खड़े रहने के विरोध में हड़ताल का एलान किया है.

उन्होंने कहा कि फरवरी माह से ही हम जानना चाह रहे थे कि आलू अन्य राज्यों में भेजने के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार की नीति क्या है, लेकिन उस समय सरकार ने कोई नीति तय नहीं की. 28 जुलाई को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्देश दिया कि आलू राज्य से बाहर नहीं भेजा जायेगा. राज्य सरकार के फैसले से आलू व्यवसायी संकट में फंस गये हैं. पहले दूसरे राज्यों को भेजे गये आलू के रुपये अभी बकाया है. यदि आलू नहीं भेजा जायेगा, तो वे रुपये डूब जायेंगे.

इससे आलू व्यवसायियों को घाटा होगा. श्री मंडल का कहना है कि राज्य में उत्पादित आलू का 60 से 65 फीसदी हिस्सा दूसरे राज्यों को बेचा जाता है. इस वर्ष पूरे देश में आलू का उत्पादन कम हुआ है. इसके बावजूद राज्य के कोल्ड स्टोरेज में पर्याप्त मात्र में आलू का भंडार है. इससे आलू की मांग पूरी की जा सकती है. दो दिन पहले राज्य सरकार ने थोक आलू की कीमत प्रति किलोग्राम 12 रुपये तथा खुदरा कीमत 14 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित कर दी है. इसके बावजूद बाजार में आलू 20 रुपये से 24 रुपये प्रति किलो मिल रहा है.

दूसरी ओर, ओड़िशा के मंत्री के बयान कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आलू के ट्रक ओड़िशा जाने देने की अनुमति दी है, से उम्मीद जगी है कि राज्य सरकार आलू बाहर भेजे पर लगी रोक में कुछ ढिलाई बरत सकती है. क्योंकि दूसरे राज्यों से सब्जियों और मछली आदि की आपूर्ति होती है. दूसरे राज्यों से सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से इसकी कीमतें बढ़ सकती है. उधर, राज्य के कृषि विपणन मामलों के मंत्री अरुप राय ने मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह कुछ भी नहीं कहेंगे.

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