डकैती कांड में दोषी पाये गये थे, जेल अधीक्षक व दो वार्डन सस्पेंड
कोलकाता : अलीपुर सेंट्रल जेल में डकैती की सजा काट रहे तीन कैदी शुक्रवार तड़के जेल के अंदर से भागने में कामयाब हो गये. फरार तीनों कैदियों के नाम कुतुबुद्दीन लस्कर (32), शमीम हवलदार (32) और अजीम मिी (33) है.
सभी दक्षिण 24 परगना के बासंती व बारुइपुर के रहनेवाले हैं. कुतुबुद्दीन और शमीम डकैती के आरोप में विचाराधीन कैदी हैं, जबकि तीसरा कैदी उम्रकैद की सजा काट रहा है. जेल सूत्रों के मुताबिक जेल के अंदर 14 नंबर सेल के पांच नंबर वार्ड में तीनों कैदी दो अन्य कैदियों के साथ रह रहे थे.
सेल के अंदर जंग लगी लोहे की पाइप मोड़ कर भागे कैदी
प्राथमिक जांच में जेल अधिकारियों को पता चला कि देर रात 1.30 बजे से लेकर तड़के 3.30 बजे के बीच तीनों सेल के अंदर मोरचा लग चुके लोहे की पाइप को काट कर वहां से भागने में कामयाब हो गये.
उन्होंने बताया कि सेल के अंदर बिछाने का कंबल और पहनने वाले गमछे की मदद से तीनों कैदियों ने रस्सी बनाया. इसके बाद वे लोहे की पाइप को मोड़ कर उसे दीवार में फंसा कर रस्सी की मदद से दीवार फांद गये. जिस सेल में वे रह रहे थे उसे पनिसमेंट सेल कहा जाता है. उसके पास ही जेल की दीवार है. उसके बाहर कालीघाट ब्रिज से बाहर भागने का अनुमान है.
भागनेवालों में एक कैदी इसके पहले दो बार जेल से हो चुका है फरार
अधिकारियों का कहना है कि फरार कैदियों में अजीम मिी जिसे उम्रकैद की सजा मिली है. इसके पहले दो बार जेल से भाग चुका है. हालांकि बाद में उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया था. पहले वह डायमंड हार्बर जेल से फरार हो चुका है. इसके बाद उसे दमदम जेल में लाया गया था. वहां से भी वह फरार हो गया था, फिर से उसे गिरफ्तार कर अलीपुर जेल में लाया गया.
यहां भी शुक्रवार को तीसरी बार अपने दो साथियों के साथ वह भाग निकला. जेल कर्मियों का कहना है कि इसके पहले वर्ष 1988 में इस तरह प्लानिंग के तहत कोई कैदी इस तरह अलीपुर सेंट्रल जेल से भागने में कामयाब हुआ था. उसके बाद शुक्रवार को दूसरी घटना घटी, जब यहां से तीन कैदी इस तरह भागने में कामयाब हो गये.
जेल अधीक्षक के अलावा दो वार्डन सस्पेंड
इस घटना के बाद कारागार मंत्री हैदर अजीज साफवी ने बताया कि जेल में लापरवाही के कारण हुई घटना की जांच का निर्देश दिया गया है. इस घटना के बाद अलीपुर जेल के अधीक्षक चितरंजन घोराइ समेत दो वार्डन उत्तम कोनार व तन्मय कर्मकार को सस्पेंड कर दिया गया है.
अतिरिक्त आइजी विचित्र भट्टाचार्य को अलीपुर सेंट्रल जेल का नया अधीक्षक बनाया गया है. दोनों सेल के अंदर सुरक्षा की ड्यूटी पर तैनात थे. जांच की रिपोर्ट आने पर और भी सख्त कार्रवाई होगी. अलीपुर थाने में भी इस घटना की एफआइआर दर्ज करायी गयी है.
