मोतिहारी के छह सदस्य गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने आनंदपुर थाना इलाके से आरोपियों को दबोचा
गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले ताला तोड़ने वाले कई उपकरण
किराये की कार का इस्तेमाल कर रात में करते थे चोरी
जांच के दौरान कोलकाता पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग
कोलकाता ; महानगर के विभिन्न इलाकों में रात के समय में ज्वेलरी शॉप को टारगेट कर चोरी करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कोलकाता पुलिस की एंटी क्राइम पेट्रोलिंग (एसीपी) टीम ने मंगलवार देर रात छह लोगों को गिरफ्तार किया. गैंग के लोग इन वारदातों को अंजाम देने के लिए किराये की कार का इस्तेमाल करते थे. गिरफ्तार सभी को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार छह लोगों के नाम जितेश पाठक (32), नासीर खान (40), ऋतिक वर्मा उर्फ विक्की (22), राजा दास (28), नूर मोहम्मद खान (52), मोहम्मद अबरार अहमद (23) है. सभी मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के निवासी हैं. यहां कोलकाता में अस्थायी रूप से आनंदपुर थानांतर्गत गुलशन कॉलोनी में किराये पर रूम लेकर रह रहे थे.
पुलिस को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस पिछले कुछ दिनों से आनंदपुर थानांतर्गत पंचानन ग्राम और मदुरदहा के बीच बाईपास इलाके में इस गैंग को पकड़ने के लिए विशेष नजरदारी रख रही थी. देर रात उसी इलाके से एंटी क्राइम पेट्रोलिंग की टीम ने सभी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनसे पूछताछ कर इनके पास से कुछ टूटे हुए ताले, शटर इंटरलॉक, स्विच बोर्ड, कुंजी बनानेवाले उपकरण और घर तोड़ने के कई औजार बरामद किये हैं.
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि इस गैंग के लोग मूल रूप से ज्वेलरी शॉप का ताला तोड़ कर नकदी और गहने की चोरी करते थे. सर्वे पार्क थाना, कसबा थाना और हरिदेवपुर थाना क्षेत्र इलाकों में ऐसी तीन घटनाओं को तत्परता से रोक दिया गया था. गिरोह के लोग ज्वेलरी शॉप का ताला तोड़ चुके थे, लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दे पाये थे, क्योंकि वारदात से पूर्व ही पड़ोस के कुछ लोग जाग गये थे, जिस कारण से तीनों ही मामलों में गैंग के लोगों को भागना पड़ा था. ऐसे मामलों की जांच करते समय पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में गैंग के सदस्यों को कार का इस्तेमाल करते देखा गया, जिसके बाद पुलिस उनके बारे में पता लगाया और दबोच लिया.
गिरफ्तार सभी से पूछताछ में पता चला है कि इस गैंग के लोग एक जगह से हमेशा कार भाड़ा पर नहीं लेते थे. हर बार विभिन्न जगहों से बदल-बदल कर कार किराये पर लेते थे. मूल रूप से बाइपास संलग्न इलाकों में आनंदपुर, सर्वेपार्क और मादुरदह जैसे इलाके में छोटे-छोटे गहनों की दुकानों को अधिक टारगेट करते थे, जो मूल बाजारों से दूर हुआ करते हैं.
पुलिस का अनुमान है कोलकाता के पासवर्ती इलाकों में भी इस गैंग के लोगों ने ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है. इसके लिए कोलकाता पुलिस सटे कमिश्नरेट इलाके और जिले की पुलिस से ऐसी घटनाओं के बारे जानकारी जुटा रही है. इस गैंग के लोगों ने कोलकाता से सटे अन्य इलाकों में भी कई वारदात को अंजाम दिया है या नहीं? इन सारे तथ्यों के बारे में पुलिस पता लगा रही है.
