कोलकाता : कानून की अनदेखी कर बिना किसी प्लान के अपनी मनमानी कर चार मंजिला मकान बना लेने के मामले में दोषी करार होने पर एक कलयुगी बेटे ने सजा से बचने के लिए अपनी वृद्ध मां के सिर पर अपना सारा दोष मढ़ दिया. घटना पूर्व जादवपुर इलाके के अहिल्या नगर की है. दोषी करार दिये गये बेटे का नाम विकास दे है.
अदालत सूत्रों के मुताबिक कोलकाता नगर निगम (केएमसी) कोर्ट के सीनियर म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार अधिकारी ने सुनवाई के दौरान शुक्रवार को आरोपी विकास को दोषी करार दिया और उसे तीन वर्ष की सजा सुनायी और साथ में 50 हजार रुपये जुर्माना चुकाने का भी निर्देश दिया. अदालत सूत्रों के मुताबिक बिना प्लान के चार मंजिली इमारत बनाने के कारण निगम के इंजीनियरों ने फरवरी 2016 को पूर्व जादवपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी थी.
