हुगली: तेलनीपाड़ा स्थिति विक्टोरिया जूट मिल को लेकर जारी गतिरोध दूर करने के लिए शनिवार को बुलायी गयी त्रिपक्षीय बैठक सफल रही. मिल प्रबंधन तालाबंदी समाप्त करने को तैयार हो गया है, लेकिन मिल में अनुशासन का उल्लंघन के आरोप में निकाले गये श्रमिकों को वापस काम पर रखने का फैसला नहीं हो पाया है. बहरहाल मिल में तालाबंदी समाप्त होने की सूचना मिलते ही श्रमिकों में खुशी फैल गयी. रविवार से उत्पादन शुरू हो जायेगा.
बैठक भद्रेश्वर नगरपालिका सभागार में हुई. इसमें श्रम उपायुक्त र्तीथकर सेन गुप्ता, श्रम विभाग के परिषदीय सचिव तपन दासगुप्ता, चंदननगर के विधायक अशोक साव एवं भद्रेश्वर नगरपालिका के चेयरमैन दीपक चक्रवर्ती ने भाग लिया. प्रबंधन की ओर से मिल के अध्यक्ष आरके सिंह, महाप्रबंधक अरुण सिंह, वेलफेयर विभाग के अधिकारी गोपाल सरकार शामिल थे. श्रमिकों की तरफ से बैठक में 15 श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों में एटक के एबी गांगुली, सीटू के मोहम्मद इस्नइल, एआइजेडब्ल्यूएफ के मनोज साव, एचएमएस के असगर अली, आरसीएमयू के पीके जायसवाल, जेटीडब्ल्यूयू के राजेंद्र यादव, बीएमएस के शंकर पासवान, एआइयूटीयूस के सुरेश कुमार महतो, इंटक के दिनेश लाला, कमलाकांत समेत अन्य नेता प्रमुख रहे.
जानकारी के मुताबिक, बैठक अपराह्न 12 बजे शुरू हुई, जो लगभग पौने तीन बजे तक चली. बैठक की शुरुआत में ही श्रमिक संगठनों की ओर से मांग की गयी कि मिल से निकाले गये लगभग 22 श्रमिकों को वापस काम पर रखने के साथ मिल को खोला जाये. इधर, मिल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि मिल खोलने के लिए वह राजी हैं, लेकिन निकाले गये श्रमिकों को वापस रखने में समस्या है. आखिरकार बातचीत के बाद तय हुआ कि निकाले गये श्रमिकों के मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाये. कमेटी जांच के बाद यह तय करेगी कि इन श्रमिकों ने अनुशासन तोड़ा है या नहीं.
इसके बाद कुछ निर्णय लिया जायेगा. कमेटी गठित करने के लिए मंगलवार को चंदननगर के एसडीओ कार्यालय में बैठक होगी. बैठक में डिप्टी मजिस्ट्रेट सुधांशु मंडल, प्रबंधन के दो प्रतिनिधि और 15 श्रमिक संगठनों के एक-एक प्रतिनिधि भाग लेंगे. मिल के अध्यक्ष आरके सिंह ने कहा है कि रमजान के मद्देनजर मिल में तालाबंदी समाप्त करने को प्रबंधन राजी हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मिल परिसर में अनुशासन की काफी कमी है. ऐसे में प्रबंधन के अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने मांग की है कि प्रशासन मिल में सुरक्षा व्यवस्था कराये. ध्यान रहे कि कुछ दिनों मिलों के कुछ विभागों में गतिरोध चलने के कारण 20 जून को मिल में सस्पेंशन ऑफ वर्क्स की नोटिस लगा दिया गया था, जिससे लगभग छह हजार श्रमिकों की रोजी पर संकट बन गया था.
