सिलीगुड़ी : जेल में कैदी का शव मिलने से हड़कंप

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी विशेष संशोधनागार (जेल)में एक कैदी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी है. मजिस्ट्रेट के सामने मृतक के शव को जेल से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेज दिया गया है. मृतक का नाम भूषण बिरजा (60) बताया गया है. वहीं दूसरी ओर घटना की रात ड्यूटी […]

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी विशेष संशोधनागार (जेल)में एक कैदी की रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी है. मजिस्ट्रेट के सामने मृतक के शव को जेल से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेज दिया गया है. मृतक का नाम भूषण बिरजा (60) बताया गया है.
वहीं दूसरी ओर घटना की रात ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा कर्मी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए सिलीगुड़ी विशेष संशोधनागार प्रबंधन सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार की शाम ही भूषण बिरजा को सिलीगुड़ी जेल लाया गया था. बीते 10 दिसंबर सोमवार की देर रात खोड़ीबाड़ी थाना पुलिस ने उसे पश्चिम बंगाल आबकारी कानून के तहत गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार भूषण बिरजा सोमवार की रात शराब पीकर इलाके में झमेला कर रहा था.
खोड़ीबाड़ी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वह गाजीजोत इलाके का निवासी था. स्थानीय लोगों की शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अगले दिन मंगलवार को खोरीबाड़ी थाना पुलिस ने आरोपी भूषण बिरजा को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया.
अदालत के निर्देशानुसार आरोपी को मंगलवार की शाम सिलीगुड़ी जेल लाया गया. भूषण बिरजा के साथ उस बैरक में छह और आरोपी कैद थे. मंगलवार की रात सभी खाना खाकर सोये. बुधवार सुबह भूषण बिरजा का शव देखकर बैरक के अन्य कैदियों में हड़कंप मच गया. कैदियों की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी फौरन बैरक का ताला खोलकर भूषण बिरजा के पास पहुंचे.
उसकी सांसे बंद थी और शरीर ठंडा पड़ चुका था. घटना की जानकारी मिलते ही संशोधनागार के अधीक्षक कृपामय नंदी भी मौके पर पहुंचे. मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बैरेक से मृतक का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भेजा गया.
कंबल का फंदा बनाकर आत्महत्या की आशंका, जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी, दो सुरक्षा कर्मियों को दिया कारण बताओ नोटिस
सिलीगुड़ी संशोधनागार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैरेक के भीतर भूषण बिरजा का शव जमीन पर दीवार से लगकर बैठे अवस्था में बरामद हुआ. उसके दोनों पैर जमीन पर फैले हुए थे. उसके गले से एक कंबल बैरक की खिड़की से बंधा पाया गया. कैदियों को मिलने वाली कंबल का फंदा बनाकर खिड़की से लटकने का अनुमान लगाया जा रहा है.
लेकिन शव का दीवार से लगकर बैठे होने पाये जाने से रहस्य गहरा गया है. संशोधनागार में कैदियों पर निगरानी रखने के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. मंगलवार की रात भी निगरानी के लिए दो सुरक्षा कर्मी तैनात थे. लेकिन किसी ने भी भूषण बिरजा को फांसी लगाते हुए नहीं देखा.
यहां तक कि बैरक में उसके साथ सो रहे अन्य छह कैदियों को भी उसके हरकतों की भनक नहीं लगी. संशोधनागार के एक बैरक में इस तरह की घटना से सुरक्षा पर कई सवाल खड़े हो गये हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी संशोधनागार में क्षमता से अधिक कैदियों को रखा गया है.
200 के स्थान पर 390 कैदी
सिलीगुड़ी संशोधनागार में अधिकतम 200 कैदियों को रखने की व्यवस्था है. उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराये गये हैं. जबकि फिलहाल यहां कुल 390 कैदियों को रखा गया है. जिसमें से 371 पुरूष व 19 महिलाएं हैं. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.
रात की घटना सुबह कैदियों से पता लगने से सुरक्षा कर्मियों की गश्ती पर सवाल खड़ा हो गया है. सिलीगुड़ी संशोधनागार अधीक्षक कृपामय नंदी ने बताया कि मंगलवार की रात ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. घटनाक्रम को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है.

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