मिलावटी दूध के खिलाफ सरकार ने की कार्रवाई

कोलकाता: राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद विभागीय कार्य किस प्रकार चल रहा है, इसका उदाहरण पशुपालन विभाग में देखने को मिला है. पहली बार, पशुपालन विभाग के अधीनस्थ कंपनी मदर डेयरी को मुनाफा हुआ है. पिछले वित्तीय वर्ष में मदर डेयरी ने सात करोड़ रुपये की आमदनी की है. यह जानकारी मंगलवार को […]

कोलकाता: राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद विभागीय कार्य किस प्रकार चल रहा है, इसका उदाहरण पशुपालन विभाग में देखने को मिला है. पहली बार, पशुपालन विभाग के अधीनस्थ कंपनी मदर डेयरी को मुनाफा हुआ है.

पिछले वित्तीय वर्ष में मदर डेयरी ने सात करोड़ रुपये की आमदनी की है. यह जानकारी मंगलवार को राज्य के पशुपालन मंत्री स्वपन देवनाथ ने विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान दी.

उन्होंने बताया कि मदर डेयरी के पुनर्विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाये गये कदम का सकारात्मक परिणाम मिला है. उन्होंने बताया कि राज्य में मिलावटी दूध के उत्पादन व बिक्री पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं. इस संबंध में विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है. उन्हें फूड सेफ्टी एक्ट का सख्ती से पालन करने को कहा गया है. इसके अलावा राज्य सरकार ने विभिन्न स्थानों पर अभियान चला कर हजारों लीटर मिलावटी दूध को नष्ट कर दिया है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो अब भी जेल में बंद हैं.

लोगों तक दूध पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने यहां कलेक्शन सेंटर की संख्या में भी वृद्धि की है. वहीं, कई किसानों पर ऐसा भी आरोप लगे हैं कि वे सरकार से विभिन्न सुविधाएं लेने के बावजूद दूध अमूल कंपनी को बेच रहे हैं. मंत्री ने इस आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि उनके पास ऐसी कोई खबर नहीं है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कोई खबर मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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