पानागढ़/कोलकाता : भाजपा उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद बलबीर पुंज के नेतृत्व में रविवार को पार्टी के एक प्रतिनिधि दल ने बीरभूम जिले के इलमबाजार जा कर हाल में कथित तृणमूल समर्थकों के हमले में मारे गये भाजपा कार्यकर्ता शेख रहीम के परिजनों से मिला और इंसाफ की लड़ाई में परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया.
श्री पुंज ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के निर्देश पर भाजपा का एक दल पश्चिम बंगाल आया है. राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं. हम पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों की निंदा करते हैं. इस प्रकार की घटना भाजपा कभी बरदाश्त नहीं करेगी. पुंज ने कहा कि राज्य में ‘अराजकता की स्थिति’ के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया जायेगा ताकि कानून और व्यवस्था की बहाली के लिए सभी संवैधानिक कदम सुनिश्चित किया जा सके. बंगाल में जो चल रहा है, वह सनकी हिंसा है. इससे अराजकता की स्थिति पैदा हो गयी है. गरीब और आम जनता पर हमले किये जा रहे हैं.
क्योंकि या तो वे भाजपा से जुड़े हैं या फिर उन्होंने बीते चुनाव में भाजपा का समर्थन किया है. हम अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ खड़े हैं. ये चीजें ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सकतीं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए व्यवस्था के तहत सभी संवैधानिक उपाय किये जायें.
सुबह भाजपा प्रतिनिधि दल कोलकाता पहुंचा. श्री पुंज के अलावा दल में शामिल सांसद कीर्ति आजाद, पार्टी के पश्चिमी बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक सिद्धार्थ नाथ सिंह और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल राशिद अंसारी यहां से इलमबाजार के लिए रवाना हो गये. केंद्रीय दल के साथ राज्य पार्टी महासचिव शामिक भट्टाचार्य, प्रवक्ता रितेश तिवारी और तथागत राय भी इलमबाजार गये.
पार्टी कर्मी मृतक शेख रहीम के परिजनों ने पूरी घटना की जानकारी भाजपा नेताओं को दी. उन्होंने कहा कि हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है. हत्या में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं तथा बुरे अंजाम की धमकी दे रहे हैं. इस स्थिति में उन्हें न्याय मिलने की संभावना काफी कम है. उन्होंने पार्टी के वरीय नेताओं से इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा न्याय दिलाने की मांग की. पार्टी नेताओं ने कहा कि इस घटना में पूरी पार्टी शोक संतप्त परिवार के साथ है. हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग विभिन्न स्तरों पर उठायी जायेगी तथा लोकसभा में भी इस पर चर्चा की जायेगी. टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का भी आश्वासन दिया.
परिजनों से मिलने के बाद टीम के सदस्यों ने इलाके का परिभ्रमण किया. नेतृत्व कर रहे श्री पुंज ने पत्रकारों से कहा कि तृणमूल सरकार के आने के बाद राज्य में सबसे ज्यादा हिंसात्मक घटनाएं हो रही हैं. राज्य सरकार के लिये यह कलंक की बात है. पार्टी के निहत्थे कर्मियों की हत्या की जा रही है. झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है.
वामफ्रंट सरकार से भी कहीं ज्यादा हिंसात्मक सरकार का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं. राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गयी है. पुलिस और प्रशासन पंगू हो गये हैं. तृणमूल सरकार के आने के बाद अब तक 157 राजनीतिक हत्याएं हुईं है.
अंसारी ने कहा कि मुसलिमों की हितैषी बताने वाली तृणमूल नेत्री ममता बनर्जी असल में केवल मुसलमानों का शोषण कर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं. राज्य के मुसलमान अब भी पिछड़े हैं. शोषित हैं. सही मायने में भाजपा मुसलमानों की हितैषी है. उसका उदाहरण गुजरात के मुसलमान हैं. राज्य में मुसलमानों की स्थिति जल्द ही सुधरेगी. इलमबाजार घटना की रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग को भेजी जायेगी. पूर्व क्रिकेटर व सांसद कीर्ति आजाद से ग्रामीणों ने उत्साह से भेंट की.
यदि ममता ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की तो केंद्र करेगा कार्रवाई : भाजपा
कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने सांसदों को भाजपा शासित राज्यों में भेजने की धमकी दिये जाने के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की गयी तो वह इसके लिए जिम्मेदार होंगी और केंद्र संविधान के अनुरूप कार्रवाई करेगा. सिंह ने कहा, ‘वह जो चाहें करने को स्वतंत्र हैं. यह एक स्वतंत्र देश है. लेकिन विपक्षी दलों एवं भाजपा पर आरोप मढ़ने के बजाय उन्हें राज्य में कानून एवं व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए कदम उठाने चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘यदि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला जारी रहा तथा प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो केंद्र द्वारा संविधान एवं कानून के अनुरूप कार्रवाई किये जाने की स्थिति में बनर्जी ही जिम्मेदार होंगी.’
ममता ने दी धमकी
कोलकाता : अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की कथित घटनाओं को लेकर भाजपा द्वारा अपने दो केंद्रीय नेताओं को पश्चिम बंगाल में भेजे जाने से नाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर किसी भाजपा शासित राज्य में कोई घटना होती है तो वह अपने सांसदों को वहां भेज देंगी. तृणमूल प्रमुख ने कहा, ‘मैं मानती हूं कि अब अगर किसी भाजपा शासित राज्य में कोई घटना होती है तो हम भी तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय दल को भेजेंगे.
क्योंकि यह एकतरफा नहीं चल सकता.’ उन्होंने कहा, ‘वे जैसा करेंगे वैसा पायेंगे. हम कोई अनावश्यक तनाव नहीं चाहते हैं लेकिन अगर भाजपा मानती है कि वह माकपा के गुंडों से हाथ मिलाकर हिंसा में शामिल होगी तो एक लोकतांत्रिक सरकार इसे बरदाश्त नहीं करेगी.’ ममता ने कहा, ‘भाजपा ने एक महीने में दो दल भेजे हैं. मैं भी वैसा कर सकती हूं. मैं अपने 46 सांसदों को वहां भेज दूंगी. क्या वे यह देखना चाहते हैं कि मैं किस हद तक जा सकती हूं.’
तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 34 सदस्य हैं और यह निचले सदन में चौथी सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं, राज्यसभा में उसके 12 सदस्य हैं. ममता ने एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा, ‘क्यों वे राज्य को अशांत करने का प्रयास कर रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं यह नहीं चाहती हूं.’ उन्होंने कहा, ‘अगर केंद्र राज्य के साथ असहयोग करता है तो राज्य भी केंद्र के साथ असहयोग कर सकता है. यह किसी को भी बरदाश्त नहीं होगा. सरकार और पार्टियां अलग-अलग इकाई हैं.’ उन्होंने कहा कि सबको बदले से दूर रहना चाहिए. ममता ने दावा किया कि चूंकि भाजपा केंद्र में सत्ता में आयी है तो उनकी पार्टी विकास के संबंध में रचनात्मक भूमिका निभा रही है.
उन्होंने कहा, ‘मैं यह कहना चाहती हूं कि अगर आप अच्छा काम करते हैं तो यह अच्छा है लेकिन हम कुछ बुरा करते हैं तो वे विरोध कर सकते हैं. मुङो उससे कोई समस्या नहीं है. अगर वे सांप्रदायिक सौहार्द के खिलाफ कुछ भी करते हैं या जन विरोधी गतिविधि में शामिल होते हैं तो हम निश्चित तौर पर विरोध करेंगे.’
