दुर्गापुर : राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दाखिले में अनियमितता को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज प्रबंधन को साफ हिदायत दी है कि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिये. बच्चों का मेरिट के हिसाब से दाखिला लिया जाये. इसके लिए ऑनलाइन के माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया संपन्न कराने का उन्होंने निर्देश दिया है.
इसके बावजूद सोमवार को शहर के माइकल मधुसूदन मेमोरियल कॉलेज में एक टीएमसीपी नेता रमरान खान के विरुद्ध सात हजार रूपये रिश्वत लेकर कॉलेज में दाखिला लेने का आरोप विनय लोहानी ने लगाया है. विनय ने रमजान खान के साथ व्हाट्सएप पर हुयी बातचीत का पूरा विवरण मीडिया को उपलब्ध कराया है.
उसने उन नोटों का नंबर भी मीडिया को बताया जो उसने इमरान को दिये थे. मीडिया कर्मियों ने रमजान के घर पहुंच पूछताछ के क्रम में रूपये दिखाने को कहा. उसने जो नोट दिखाये उसके नंबर विनय के दिये नंबर से मिल रहे थे. मीडिया कर्मियों ने इसकी खबर पुलिस को दी. पुलिस को आते देख रमजान वहां से फरार हो गया. रमजान ने कहा कि लोहानी ने दाखिला के लिए नहीं बल्कि अपनी गर्लफ्रेंड को देने के लिये उसे रूपये दिये थे. साजिश के तहत उसे फंसाया जा रहा है. हालांकि कोई भी मामला थाने में दर्ज नहीं कराया गया है.
घटना की खबर मिलते ही एसएफआई ने दुर्गापुर महकमा शासक श्रीकांत पाली को लिखित पत्र देकर कॉलेजों में दाखिला संबंधी गड़बड़ी को रोकने की मांग की. एसएफआई नेता मयंक चटर्जी ने कहा कि टीएमसीपी के लोगों ने कॉलेजों को सेल बाजार बना रखा है. पास कोर्स, ऑनर्स में दाखिला के लिए खुलेआम रूपये की डिमांड कर रहे हैं.
पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. दाखिला कराने में तृणमूल कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं. मामले को लेकर टीएमसीपी नेता इमरान खान ने कहा कि साजिश के तहत टीएमसीपी को बदनाम किया जा रहा है. सभी दाखिला ऑनलाइन, मेरिट लिस्ट के हिसाब से हो रहा है.
