कोलकाता/हावड़ा: एवरेस्ट के बाद कंचनजंघा पर तिरंगा लहरानेवाली पर्वतारोही छंदा गायन सहित तीन लोग कंचनजंघा की एक चोटी से रहस्यमय ढंग से लापता हैं. इसकी खबर मिलने के बाद छंदा की मां जया गायेन व परिवार के अन्य सदस्य चिंतित हैं.
छंदा 18 मई को कंचनजंघा पर तिरंगा फहरा कर अपने साथियों के साथ समीट कैंप लौटी थी. मंगलवार दोपहर वह फिर से कंचनजंघा के वेस्ट पीक (या लू कांग) के लिए रवाना हुई थी. उसके साथ एक पोर्टर व एक शेरपा भी था, लेकिन अचानक तूफानी बर्फबारी के बाद तीनों लापता हो गये. लापता पोर्टर व शेरपा का नाम वांग चू व मिगमां शेरपा है.
हावड़ा के कोना बक्सरा पाड़ा की रहनेवाली छंदा गायन ने पिछले वर्ष 18 मई को एवरेस्ट पर विजय हासिल की थी. इस साल 18 मई को ही कंचनजंघा पर तिरंगा लहराया. इस अभियान का नेतृत्व रिमा शेरपा कर रही थीं. रिमा शेरपा के नेतृत्व में दो अन्य शेरपा इन तीनों की खोज में निकले हैं.
छंदा गायन के लापता होने की सूचना मिलने पर राज्य के तीन मंत्री अरूप राय, अरूप विश्वास व राजीव बनर्जी उसके घर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी छंदा गायन की मां जया गायेन से बात की. मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रलय से भी संपर्क साधा है. मंत्री अरूप राय ने बताया कि बुधवार सुबह छंदा के कंचनजंघा में तिरंगा फहराने की खबर मिली थी, लेकिन इसके कुछ देर बाद ही उसके लापता होने की सूचना मिली. यह घटना दुखद है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव को विदेश मंत्रलय व नेपाल सरकार से संपर्क साधने को कहा है. राज्य सरकार पूरी तरह छंदा के परिवार के साथ है. उल्लेखनीय है कि छंदा गायेन पांच अप्रैल को कंचनजंघा के लिए रवाना हुई थी.18 मई को वह दमदम की टूसी दास, कोलकाता के दीपंकर घोष व राजीव भट्टाचार्य के साथ उसने कंचनजंघा पर तिरंगा फहराया था.
