कोलकाता: लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा का दौर जारी है. चुनाव से पहले मिली धमकी को दरकिनार कर वोट देने का साहस करने के इनाम के रूप में मतदाताओं को पिटाई, घरों में लूटपाट व तोड़फोड़ आदि मिल रहे हैं. आरोप है कि हिंसा के शिकार विरोधी दलों के समर्थक हो रहे हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर विरोधी दलों के समर्थकों को बेरहमी से पीटने के लगातार इलजाम लग रहे हैं. तृणमूल कार्यकर्ताओं के इस तांडव की शिकार एक गर्भवती महिला भी हो गयी.
दक्षिण 24 परगना के बासंती इलाके में सात महीने की गर्भवती सुरैया लस्कर की तृणमूल कार्यकर्ताओं ने जमीन पर पटक कर पिटाई की. महिला का अपराध बस इतना था कि धमकी दिये जाने के बावजूद वह वोट देने के लिए गयी थी. सुरैया का इलाज चल रहा है. उसके पति व ससुर के साथ भी मारपीट की गयी. गांव में स्थित उसकी छोटी-सी दुकान में तोड़फोड़ की गयी.
उधर, कैनिंग के जीवनतला के नारायणपुर के श्रीकृष्णपुर इलाके में माकपा समर्थकों के घरों को निशाना बनाये जाने का आरोप लगा है. आरोप है कि माकपा समर्थकों के 20 घरों में तोड़फोड़ की गयी व आग लगा दी गयी. भांगड़ के बामनघाटी इलाके में माकपा नेता के घर पर सोमवार रात हमला कर तोड़फोड़ की गयी. उस वक्त वह घर पर नहीं थे. वहीं, माकपा पोलिंग एजेंट तपन नस्कर के घर में भी तोड़फोड़ की गयी. डीवाइएफआइ नेता मंटू विश्वास के घर पर हमला कर उनके साथ मारपीट की गयी. भांगड़ के हाइस्कूल पाड़ा इलाके में एक अन्य माकपा नेता के घर पर हुए हमले के दौरान उनके पिता के साथ भी मारपीट की गयी.
माकपा समर्थकों पर हमले के साथ-साथ तृणमूल की आपसी गुटबाजी अब सामने आने लगी है. कैनिंग पूर्व के नारायणपुर इलाके में तृणमूल के दो गुट आपस में भिड़ गये. इस दौरान घरों व दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की गयी. पुलिस वाहिनी ने वहां पहुंच कर स्थिति को नियंत्रण में किया. वहीं, सोमवार को मतदान के दौरान पोलिंग बूथ के अंदर घुस कर मतदाताओं व इवीएम पर नजर रखने के मामले के कारण सुर्खियों में आये जीवनतला इलाके के स्थानीय तृणमूल नेता फारूख मोल्ला को चुनाव आयोग के निर्देश पर गिरफ्तार कर लिया गया.
