कोलकाता: उत्तर कोलकाता लोकसभा केंद्र से कांग्रेस के उम्मीदवार व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोमेन मित्र ने कहा है कि बंगाल में जिस परिवर्तन की बात कर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने जनता से वोट मांग यहां अपनी सरकार बनायी, वह परिवर्तन नहीं हुआ. पिछले 34 वर्षो के बाद पश्चिम बंगाल में झंडा का परिवर्तन हुआ. राज्य सचिवालय पर वाम मोरचा के झंडे के बदले तृणमूल का झंडा लहराया.
वामो की सरकार के बाद तृणमूल की सरकार आयी. कुर्सी पर आदमी बदले, लेकिन राज्य की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ. वाम मोरचा के शासन में राज्य जिस उदासीनता का शिकार था, विगत 34 महीने में तृणमूल की सरकार में भी वही हाल है. अब भी राज्य में सीमेंट, बालू की राजनीति के साथ तृणमूल की शह पर प्रमोटर राज और महिलाओं व जनता पर अत्याचार जारी हैं. खुलेआम असामाजिक तत्व पुलिस को गोली मार दे रहे हैं. राज्य की जनता ने इस तरह के परिवर्तन के बारे में कभी सोचा ही नहीं था.
सोमेन मित्र ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में राज्य की जनता यह समझ गयी और इसका असर देखने को मिलेगा. श्री मित्र ने कहा : मैं विगत 50 साल से राजनीति में हूं और 34 साल से जनता के आशीर्वाद के बल पर चुनाव जीतता रहा हूं. सबसे पहले चिटफंड विशेषकर सारधा कांड के खिलाफ व राज्य के 20 लाख जनता के हित के लिए मैंने सारधा कांड की जांच सीबीआइ से कराने की मांग को लेकर पीएमओ में पत्र लिखा था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सारधा कांड की सीबीआइ से जांच का निर्देश ऐतिहासिक निर्देश है. सारधा कांड मल्टी स्टोरेज स्कैम है. लाखों लोग इसके शिकार होकर रास्ते पर आ गये व वर्तमान राज्य सरकार के मंत्रियों की जेब व लॉकर भर गये. राज्य की मुख्यमंत्री व सरकार के मंत्री सीबीआइ जांच से बचना चाहते थे, क्योंकि सीबीआइ जांच होने से कुणाल घोष जो आरोप लगा रहे कि सारधा कांड में राज्य सरकार के कई मंत्री शामिल हैं. ऐसे में सारधा कांड की सच्चई को राज्य सरकार दबाना चाहती थी.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं
राज्य की शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है. टेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में धांधली, कॉलेज में तृणमूल यूनियन का गुंडाराज व धांधली चरम पर है.
जनता को गुमराह कर रही तृणमूल
उत्तर कोलकाता के बारे में सोमेन मित्र ने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ता यह कहते फिर रहे हैं कि उत्तर कोलकाता के 60 वार्ड में 35 में तृणमूल के पार्षद व सात विधानसभा क्षेत्रों में सात विधायक तृणमूल के हैं. इस आंकड़े के साथ तृणमूल यहां की जनता को गुमराह कर रही है. पार्षद या विधायक लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार की जीत तय नहीं करते.
क्षेत्र की जनता भाग्य विधाता
सोमेन मित्र ने कहा : मैं हमेशा जनता के पर निर्भर रहता हूं. सच की लड़ाई लड़ता हूं. मैं जनता के सिद्धांत पर विश्वास करता हूं. जनता की सेवा की राजनीति मैंने बीते पांच दशकों से की है. उत्तर कोलकाता के मेरे अतीत, मेरे काम को देशकर मुङो वोट करें. वोट के पहले मैं कोई आश्वासन नहीं देता हूं. अगर जनता का आशीर्वाद मिलेगा और उत्तर कोलकाता का सांसद बनता हूं, तो मैं लंदन तो नहीं, लेकिन उत्तर कोलकाता को उत्तर कोलकाता बनाने और विशेषकर बड़ाबाजार व क्षेत्र की बस्तियों का विकास मेरी पहली प्राथमिकता होगी.
