बंगाल : बेलूड़ गैस कांड के नौ दिन बाद एक की मौत

परिजनों ने की मुआवजे और नौकरी की मांग हावड़ा : सोमवार देर रात बेलूड़ गैस कांड पीड़िता की नौ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अंतत: मौत हो गयी. मृतका का नाम सन्नो पांडेय (60) है. वह पिछले नौ दिनों से कोलकाता मेडिकल कालेज व अस्पताल के आइसीयू विभाग में भर्ती थी. […]

परिजनों ने की मुआवजे और नौकरी की मांग

हावड़ा : सोमवार देर रात बेलूड़ गैस कांड पीड़िता की नौ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अंतत: मौत हो गयी. मृतका का नाम सन्नो पांडेय (60) है. वह पिछले नौ दिनों से कोलकाता मेडिकल कालेज व अस्पताल के आइसीयू विभाग में भर्ती थी. वह बेलूड़ के लालाबाबू शायर रोड के जगन्नाथ घाट की रहनेवाली थी. वह अपनी बेटी गुंजन के साथ रहती थी. मालूम रहे कि पांच फरवरी सुबह एक कारखाने में गैस टंकी को काटते समय टैंकी से घातक गैस का रिसाव हो गया था. इस रिसाव का प्रभाव घुसुड़ी के जगन्नाथ घाट तक हुआ था.
बेलूड़ पुलिस आैर दमकल विभाग ने गैस टंकी को हुगली नदी में फेंका दिया था,
जिसके कारण जल्द ही गैस पूरे इलाके में तेजी से फैलने लगा. इस कारण स्थानीय लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद गैस रिसाव से प्रभावित 72 लोगों को हावड़ा के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इस घटना में जगन्नाथ घाट की रहनेवाली सन्नो पाण्डेय भी गैस रिसाव से प्रभावित हुई थी. वह अपने कमरे में बंद थी.
तीन घंटे के बाद स्थानीय लोगों को पता चला कि सन्नो पाण्डे कमरे में बंद है जिसके बाद घर का ताला खोलकर उन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया था. स्थानीय लोगों की मदद से सन्नों को जायसवाल अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि गैस के कारण उसकी किडनी प्रभावित हुई थी. हालांकि मौत गैस के कारण हुई है या अन्य बीमारी की वजह से, इसका खुलासा अब तक नहीं हुआ है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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