इलेक्ट्रॉनिक सिगनल सिस्टम से राहत कम आफत ज्यादा, सिलीगुड़ी में हर ओर जाम की समस्या विकराल, 5 किमी. की दूरी तय करने में लगता है 50 मिनट
सिलीगुड़ी : वर्तमान समय में सिलीगुड़ी शहर ने काफी विकास कर लिया है. इस शहर को महानगर भी कहा जाने लगा है. पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वारा कहे जाने वाले सिलीगुड़ी शहर का जिस प्रकार से विकास हुआ है,उसी प्रकार से यहां की समस्याएं भी बढ़ी है और इनमें से सबसे बड़ी समस्य है जाम की […]
सिलीगुड़ी : वर्तमान समय में सिलीगुड़ी शहर ने काफी विकास कर लिया है. इस शहर को महानगर भी कहा जाने लगा है. पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वारा कहे जाने वाले सिलीगुड़ी शहर का जिस प्रकार से विकास हुआ है,उसी प्रकार से यहां की समस्याएं भी बढ़ी है और इनमें से सबसे बड़ी समस्य है जाम की समस्या. ऐसा नहीं है कि प्रशासन ने इस समस्या से निपटने की कोशिश नहीं की. कोशिशें की गयी है. लेकिन समस्या सुलझने के बजाय उलझ गयी है.
शहर में ट्रैफिक सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए पिछले कुछ महीनों के दौरान विभिन्न नये ट्रैफिक प्वाइंट पर इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम की व्यवस्था की गयी है. इन लाल,पीली और हरी बत्तियों को वाहनों के नियंत्रण और ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए किया गया. परंतु अब इसका असर उल्टा हो रहा है.
जहां-जहां ऐसी बत्तियां लगायी गयी है वहां जाम की समस्या अधिक है.आज के इस भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में किसी के पास समय नहीं है. यदि जाम में फंसकर जरा सा वक्त भी किसी का जाया होता है तो वह काफी परेशान होता है. सिलीगुड़ी शहर में ऐसे भी गाड़ियों की संख्या काफी अधिक है. एक अनुमान के मुताबिक शहर में पांच लाख गाड़ियों दौड़ रही है. उपर से एक महत्वपूर्ण कारोबारी शहर हाने के कारण दूसरे राज्यों से भी काफी गाड़ियां इस शहर में आती है. सिक्किम,डुवार्स और असम की ओर जाने के लिए भी इसी शहर से होकर गुजरना होता है. जाहिर है इतनी अधिक गाड़ियों से परेशानी तो बढ़गी ही. जाहिर है लोगों को जाम की समस्या से परेशान होना पड़ रहा है. आप शहर में जहां भी निकल जाइये आपको जाम से दो चार होना ही पड़ेगा. खास कर सिलीगुड़ी शहर का लाइफ लाईन कहे जाने वाले सेवक रोड, हिलकार्ट रोड़, विधान रोड आदि पर जाम की समस्या काफी पुरानी है. अब तो नये स्थानों पर भी जाम की समस्या दिखने लगी है. इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम लगने के बाद से हालत काफी खराब है. शहर में आलम यह है कि पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में 50 मिनट से भी अधिक का समय लग जाता है. खासकर ऑफिस टाइम 9.30 बजे से 11 बजे तक तो हालत काफी खराब हो जाता है. इधर,कुछ महीनों से दार्जिलिंग मोड़, चम्पासारी मोड़ और गुरूंग बस्ती मोड़ इलाके में जमा की समस्या काफी गहरा गयी है.यहां पर इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम लगाए गए है. आमलोगों का कहना है जब यह बत्तियां नहीं लगी थी तब समस्या नहीं थी. जब से ये बत्तियां लगी है तब से जाम में लोगों को फंसना पड़ रहा है.यह समस्या तो है ही उपर से इ रिक्शा टोटो की आबाध आवाजाही ने परेशानी हौर बढ़ा दी है.
सिलीगुड़ी के मुख्य सड़क और बाजार में दुकानदार तथा फुटपाथ व्यापारी लोगों के चलने वाले फुटपाथ पर डेरा जमा कर अपना व्यापार चला रहे है. नगर निगम इस ओर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है. बहरहाल हम यहां इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम की बात करें तो परेशानी यहां हो रही है. इनदिनों दार्जिलिंग मोड़,चंपासारी मोड़ तथा गुरूंग बस्ती मोड़ में इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम के कारण जाम की समस्या काफी अधिक हो रही है.खासकर दार्जिलिंग मोड़ और चंपासारी इलाके की हालत तो काफी खराब है. दार्जिलिंग मोड़ जाम की वजह से एयरपोर्ट जाने वाले विमान यात्री इससे काफी परेशान हैं. लोग विमान यात्रा समय बचाने के लिए करते हैं. सिलीगुड़ी में विमान यात्रियों का समय ट्रैफिक जाम में फंसकर जाया हो रहा है. लाल बत्ती को आगे घंटों फंसकर लोग परेशान हो रहे हैं. कभी-कभी लोग लालबत्ती में काफी समय तक खड़े होकर परेशान हो जाते हैं. हड़बड़ी में बाइक या साइकिल सवार अपना धीरज खोकर आगे निकलने की कोशिश करते हैं. इस क्रम में कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती है.
मुख्य सड़कों पर रोक के बाद भी टोटो का तांडव हर ओर जारी
एक अनुमान के मुताबिक शहर में 12 हजार से भी अधिक टोटो चल रहे हैं. मुख्य सड़को पर रोक के बाद भी टोटो का तांडव हर ओर जारी है. हिलकार्ट रोड पर भी टोटो की अबाध आवाजाही होती है. इसके अलावा सिलीगुड़ी शहर के विधान मार्केट संलग्न विधान रोड इलाके में सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों टोटो,रिक्शा वैन आदि देखने को मिल जायेगी. इसके साथ ही पार्किंग की व्यवस्था भी ठीक नहीं है. शहर के मुख्य सड़को के किनारे कई संस्थाए पार्किंग का कारोबार चला रही है. पार्किंग के दायित्व में खड़े लोग किसी भी समय किसी भी गाड़ी को पार्किंग में दाखिल या फिर पार्किंग से बाहर निकालने में लग जाते हैं. इस चक्कर में गाड़ी सड़क के बीच खड़ी हो जाती है. इससे भी जाम की समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है.इसके अलावा भी और कई समस्याएं हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में सिलीगुड़ी पुलिस के डीसी ट्रैफिक सुनिल यादव से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि पुलिस जाम की समस्या से निपटने की पूरी कोशिश कर रही है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या टोटो को काबू में करना है.उन्होंने ट्रैफिक समस्या का ठिकरा सिलीगुड़ी नगर निगम पर फोड़ा है. श्री यादव ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस दिन-रात जाम की समस्या से लोगों को राहत दिलाने की कोशिश कर रही है. समस्या का मुख्य कारण पार्किंग व टोटो गाड़ियां है. उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्किंग को लेकर नगर निगम कि व्यवस्था ठीक नहीं है. क्योंकि इस समस्या पर नगर निगम को जिस तरीके से काम करना चहिए उस तरीके से काम नहीं कर रहा है. नगर निगम अपनी ओर से पार्किंग और टोटो को लेकर ठोस कार्यवाही नहीं करेगी तो जाम की समस्या से निपट पाना संभव नहीं है.
क्या है समस्या: इलेक्ट्रोनिक सिगनल सिस्टम में सबसे बड़ी समस्या टाइमिंग को लेकर है. आमलोगों का आरोप है कि लाल या हरी बत्ती की टाइमिंग ठीक नहीं है. कभी-कभी यह होता है कि दूसरी ओर वाहनो की कतार है उसके बाद भी लालबत्ती है. जबकि एक ओर वाहन नहीं है फिर भी हरी बत्ती जली रहती है.लोगों का कहना है देर तक लाल हरी बत्तियों के जले रहने से ही परेशानी होती है. कुछ समय के अंतराल पर ही दोनों बत्तियों को व्यस्थित किया जाना चाहिए.
कहां-कहां समस्या
इलेक्ट्रॉनिक सिगनल सिस्टम से सबसे अधिक समस्या चंपासारी मोड़,दार्जिलिंग मोड़, मल्लागुड़ी,सिलीगुड़ी जंक्शन,पानीटंकी और गुरूंग बस्ती मोड़ में है.