परिजनों का आरोप है कि दूसरी बार केमो थेरेपी के बाद मरीज को सर्जरी के लिए रेफर किया गया. कंचन की केमो थेरेपी डॉ पीएन महापात्र की देखरेख में चल रही थी. इसके बाद सर्जरी के लिए अंको सर्जन डॉ शैकत गुप्ता की देररेख में भरती किया गया. कंचन के पति का आरोप है कि रेफर किये जाने के बाद उसे अंको सर्जरी विभाग में दाखिल कर लिया गया. छह दिन बाद उसकी सर्जरी की गयी. ऑपरेशन के बाद डॉ गुप्ता ने कहा कि ऑपरेशन ठीक तरह से कर दिया गया.
परिजनों का सवाल है कि जब ऑपरेशन सफल था, तो ओटी के बाद उसे ऑपरेशन वेंटिलेशन पर क्यों रखा गया? अस्पताल में दाखिल कराने के छह दिन बाद सर्जरी क्यों की गयी थी. आरोप है कि मरीज को बीमार हालत में ही छह दिसंबर को अस्पताल से छूट्टी दे दी गयी. इसके बाद 2 जनवरी को घर में कंचन की मौत हो गयी. कंचन के पति का आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई है. उन्होंने इस मामले में डॉ गुप्ता के खिलाफ 26 अप्रैल को वेस्ट बंगाल हेल्थ रेगुलेटरी कमिशन से शिकायत की है. मामले की सुनावायी के लिए शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन व मृतका के परिजनों को कमिशन में बुलाया गया था.
