राम भरोसे जलपाईगुड़ी जेल के कैदी

जलपाईगुड़ी. जलपाईगुड़ी केन्द्रीय संशोधनागार में अब तक एक भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है. इस जेल बंद कैदी अगर बीमार पड़ जायें तो उसकी जिंदगी रामभरोसे टिकी हुई है. आलम यह है कि डॉक्टर के अभाव में फार्मासिस्ट जेल में बंद कैदियों की चिकित्सा कर रहे हैं. इसके अलावा बीमार कैदियों को इलाज के […]

जलपाईगुड़ी. जलपाईगुड़ी केन्द्रीय संशोधनागार में अब तक एक भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है. इस जेल बंद कैदी अगर बीमार पड़ जायें तो उसकी जिंदगी रामभरोसे टिकी हुई है. आलम यह है कि डॉक्टर के अभाव में फार्मासिस्ट जेल में बंद कैदियों की चिकित्सा कर रहे हैं. इसके अलावा बीमार कैदियों को इलाज के लिए तुरंत ही जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल भेज दिया जाता है. पिछले कुछ समय में जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल में इलाज के लिए भरती होने वाले कैदियों की संख्या काफी बढ़ गई है.

जिला अस्पताल पर इससे मरीजों का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. इस बात की जानकारी तब हुई, जब केन्द्रीय संशोधनागार में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. जिला स्वास्थ्य विभाग ने इसका आयोजन किया है. जलपाईगुड़ी जेल में वर्तमान में एक हजार 495 कैदी बंद हैं. इनमें विचाराधीन तथा सयाफ्ता कैदी दोनों शामिल हैं. महिला कैदियों की संख्या 88 है. जेल में स्थायी या अस्थायी एक भी डॉक्टर नहीं हैं. यहां के फार्मासिस्ट ही कैदियों की चिकित्सा कर रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार जलपाईगुड़ी जेल में तैनात 1 स्थायी डॉक्टर का तबादला वर्ष 2015 में कूचबिहार कर दिया गया. उनके स्थान पर किसी भी स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति यहां नहीं हुई है.

डॉक्टर पीएन साहा इस जेल में अस्थायी डॉक्टर के रूप में नियुक्त थे. दो महीने पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी. उसके बाद से ही यहां कोई डॉक्टर नहीं है. जिले के सीएमओएच डॉक्टर जगन्नाथ सरकार का कहना है कि रोगियों की चिकित्सा करने तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रखने के लिए ही इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एक गैर सरकारी संगठन समाज एवं नदी बचाओ कमेटी के सहयोग से किया गया है.

उन्होंने कहा कि कैदियों के रक्त के नमूने भी लिये गये हैं. मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफलाइटिस आदि रोग की जांच की जायेगी. बुधवार को रक्त के नमूने की जांच रिपोर्ट आ जायेगी. यदि कोई कैदी इन रोगों से बीमार पाया गया, तो उसे जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल में भरती कराया जायेगा. जलपाईगुड़ी समाज व नदी बचाओ कमेटी के कन्वेनर संजीव चटर्जी ने बताया कि इस जेल में काफी कैदी हैं. जलपाईगुड़ी जेल उत्तर बंगाल के बड़े जेलों में शामिल है. जेल विभाग द्वारा सभी कैदियों को स्वास्थ्य सेवा देना संभव नहीं है. स्वास्थ्य सेवा में यहां काफी कमी देखी जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कैदियों के लिए ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है.

क्या कहते हैं जेल अधीक्षक

जलपाईगुड़ी केन्द्रीय संशोधनागार के अधीक्षक शुभोव्रत चटर्जी ने माना कि कैदियों की चिकित्सा में थोड़ी कमी है. नये डॉक्टर नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी है. इसके लिए अखबारों में विज्ञापन दिया गया है. इस तरह के शिविर का आयोजन काफी अच्छा है. उन्होंने आगे कहा कि जेल में डॉक्टर नहीं होने से 15-20 कैदियों को एक साथ पुलिस सुरक्षा में इलाज के लिए जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल भेजना पड़ता है. इसमें जेल प्रबंधन को ही परेशानी होती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >