फर्जी आइटीआइ के जरिये विद्यार्थियों को ठगनेवाला गिरफ्तार

हल्दिया : नकली आइटीआइ कॉलेज खोल कर विद्यार्थियों को ठगने का आरोप में डीइबी व तमलुक थाने की पुलिस ने संयुक्त अभियान चला कर ताम्रलिप्त टेक्निकल कॉलेज की परिचालन समिति के सचिव गोपाल बेरा को गिरफ्तार किया. गोपाल का घर तमलुक सहर के 19 नंबर वार्ड के कापासबेड़िया में है. शनिवार को गोपाल को तमलुक […]

हल्दिया : नकली आइटीआइ कॉलेज खोल कर विद्यार्थियों को ठगने का आरोप में डीइबी व तमलुक थाने की पुलिस ने संयुक्त अभियान चला कर ताम्रलिप्त टेक्निकल कॉलेज की परिचालन समिति के सचिव गोपाल बेरा को गिरफ्तार किया. गोपाल का घर तमलुक सहर के 19 नंबर वार्ड के कापासबेड़िया में है. शनिवार को गोपाल को तमलुक जिला अदालत में पेश करने पर उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. इधर कॉलेज का एकाउंट बंद करने के लिए डीइबी ने संबंधित बैंक प्रबंधन को पत्र लिखा है.
जिला पुलिस सुपर आलोक राजौरिया ने बताया कि जरूरी अनुमति के बगैर ही तमलुक में यह आइटीआइ कॉलेज चल रहा था. इस संबंध में कारीगरी शिक्षा विभाग से शिकायत मिली थी. उसके आधार पर जांच के बाद कॉलेज परिचालन समिति के सचिव को गिरफ्तार किया गया. कॉलेज की अन्य सामग्रियों को सील कर दिया गया है. मामले की जांच चल रही है.
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि गोपाल बेरा मेचेदा के एक आइटीआइ कॉलेज में शिक्षक था. 2014 में तमलुक के नीमतला इलाके में एक किराये के घर में उसने आइटीआइ कॉलेज शुरू किया. ताम्रलिप्त टेक्निकल कॉलेज के नाम से उसी वर्ष से उसमें इलेक्ट्रिकल, फिटर, ऑटो मोबाइल जैसे कोर्स माध्यमिक पास विद्यार्थियों के लिए शुरू कर दिये. विद्यार्थियों को बताया जाता था कि केंद्र व राज्य सरकार की अनुमति उनके पास है. 2017-18 सत्र में भरती लेते वक्त सर्वत्र लीफलेट बांटा गया और विज्ञापन भी दिया गया. विज्ञापन में कहा गया था कि दो वर्ष का कोर्स पूरा करने पर नौकरी निश्चित है. दो वर्ष के लिए विद्यार्थियों से 60 हजार रुपये लिये जाते थे. एक वर्ष के कोर्स के लिए 45 हजार रुपपये कॉलेज प्रबंधन लेता था. हालांकि कॉलेज से पास करे के बाद कुछ विद्यार्थियों ने जब नौकरी के लिए आवेदन किया तो उन्हें समझ में आया कि उनका सर्टिफिकेट फर्जी है. कॉलेज के पास कोई अनुमति नहीं है. इसके बाद इस संबंध में उन्होंने राज्य के कारिगरी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज करायी. विभाग ने पुलिस सुपर से इसकी शिकायत की.

पुलिस ने मामले कीजांच शुरू की. वैध कागजात नहीं दिखा पाने पर शनिवार सुबह पुलिस ने गोपाल बेरा को गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि मौजूदा सत्र में करीब 80 विद्यार्थियों को भरती लिया गया था. कॉलेज परिचालन समिति में कुल नौ सदस्य हैं. इनमें से छह गोपाल बेरा के परिजन हैं. समिति के अध्यक्ष व अन्य लोगों की तलाश शुरू हो गयी है. इधर गोपाल बेरा ने बताया है कि अनुमति लेने के लिए आवेदन किया गया था. अभी तक अनुमति नहीं मिली है. अनुमति जल्द मिल जायेगी. लेकिन बगैर अनुमति के इतने दिनों तक कॉलेज चलाने पर पूछे जाने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया.

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