उसके गांव की दो अन्य महिला नक्सली चांदमनी और सुंदरमनी ने उसपर संगठन में शामिल होने का दबाव बनाया. संगठन में शामिल होने के बाद उससे एके-47, एसएलआर, इंसास, थ्री नॉट थ्री रायफल ढुलवाया जाता था. नक्सली आरती ने बताया कि उसे बालिबा के जंगल में उसे दो महीने तक हथियार चलाने का प्रशिक्षण देकर इंसास रायफल दिया गया. वह असुरखोल पहाड़, किलू, बिटकिलसोय, अंगुल आदि क्षेत्र के जंगलों में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल रही.
नक्सली मुली नायक उर्फ आरती पर था एक लाख का इनाम, इनामी महिला नक्सली आरती ने किया सरेंडर
किरीबुरू. एक लाख रुपये की इनामी कुख्यात महिला नक्सली सह माओवादी हथियारबंद दस्ते की सदस्य मुली नायक उर्फ आरती (22) ने बुधवार को राउरकेला पुलिस व सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. किरीबुरू थाना क्षेत्र के भनगांव निवासी आरती ने समाज की मुख्यधारा में लौटने की घोषणा की. नक्सली आरती ने पुलिस को बताया कि […]

किरीबुरू. एक लाख रुपये की इनामी कुख्यात महिला नक्सली सह माओवादी हथियारबंद दस्ते की सदस्य मुली नायक उर्फ आरती (22) ने बुधवार को राउरकेला पुलिस व सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. किरीबुरू थाना क्षेत्र के भनगांव निवासी आरती ने समाज की मुख्यधारा में लौटने की घोषणा की. नक्सली आरती ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2010 में 13 वर्ष की उम्र में नक्सली गूंगा मुंडा उसे जबरन उठाकर संगठन में ले गया.
निर्दोष आदिवासियों को पुलिस मुखबिर बता मार रहे नक्सली : नक्सली आरती ने बताया कि माओवादी अब निर्दोष आदिवासियों को पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा मौत के घाट उतार रहे हैं. महिलाओं का शोषण व आदिवासी बच्चों को जबरदस्ती संगठन में शामिल कर उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं.