इसके बाद पुलिस व सीआइडी ने संयुक्त छापामारी शुरू की, तभी अचानक मंगलवार देर रात गुप्त जानकारी के आधार पर सीआइडी ने प्रदीप पहारी नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. वहीं उलबेड़िया थाना की पुलिस ने हुगली के तारकेश्वर से जगन्नाथ राय उर्फ विकास नामक एक बदमाश को गिरफ्तार किया. दोनों से पूछताछ कर धूलागढ़, तारकेश्वर और बारासात के विभिन्न इलाकों से शेख असरफ, अमिय चक्रवर्ती व कृष्ण प्रसाद शर्मा नामक आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी. गिरफ्तार आरोपियों से प्राथमिक पूछताछ में इस मामले में उनके साथ और चार लोगों के शामिल होने का पता चला. उनकी तलाश हो रही है.
सीआइडी अधिकारी बन सोसाइटी के घरों से लूट लेते थे रुपये
कोलकाता/ हावड़ा. हावड़ा से सटे ग्रामीण इलाकों में बड़े-बड़े घरों व कॉम्प्लेक्स में जाकर खुद को सीआइडी व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बता कर घर के सदस्यों से मोटी रकम लूट कर भागनेवाले गिरोह के पांच सदस्यों को सीआइडी की टीम ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम अमिय चक्रवर्ती, शेख अशरफ, कृष्णा प्रसाद शर्मा, […]

कोलकाता/ हावड़ा. हावड़ा से सटे ग्रामीण इलाकों में बड़े-बड़े घरों व कॉम्प्लेक्स में जाकर खुद को सीआइडी व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बता कर घर के सदस्यों से मोटी रकम लूट कर भागनेवाले गिरोह के पांच सदस्यों को सीआइडी की टीम ने गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम अमिय चक्रवर्ती, शेख अशरफ, कृष्णा प्रसाद शर्मा, जगन्नाथ उर्फ विकास और प्रदीप पहारी बताये गये हैं. सभी को उलबेड़िया, धूलागढ़, तारकेश्वर और बारासात से गिरफ्तार किया गया है. इसमें से विकास के पास से 99 हजार 900 रुपये व प्रदीप के पास से 20 हजार रुपये सीआइडी अधिकारियों ने जब्त किये हैं.
सीआइडी सूत्रों के अनुसार, 6 जून को उलूबेड़िया थाना अंतर्गत महिशाली में सुधांशु शेखर मंडल नामक एक फार्मासिस्ट के घर में कुछ लोग सीआइडी अधिकारी बता कर घुस आये और उनसे कुछ महत्वपूर्ण कागज की मांग करने लगे. सुधांशु ने घर में कागजात दिखाये. इसी बीच कागज में कई गलतियां होने की बात करते हुए इस गलती के लिए ठगों ने सुधांशु से रुपये की मांग की, लेकिन कुछ समझने के पहले सभी घर में घुस कर आलमारी से जबरदस्ती चार लाख रुपये निकाल लिये और जाते समय सुधांशु को भवानी भवन में मिलने के लिए कहा. अगले दिन सुधांशु भवानी भवन में सीआइडी अधिकारी से मिले, तब सीआइडी अधिकारियों को नकली पुलिसवालों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उनके परामर्श पर सुधांशु ने उलबेड़िया थाना में नकली पुलिसवालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.