दो जून को जोड़ाबागान में डकैती का मामला: मुटिया व ट्रक चालक ने रची थी साजिश

कोलकाता: जोड़ाबागान थानाअंतर्गत स्ट्रांड रोड में स्थित मारुति इंटरप्राइज नामक चीनी सप्लाई कंपनी के दफ्तर में आठ लाख रुपये की डकैती की साजिश स्थानीय मुटिया व एक ट्रक चालक ने मिलकर रची थी. इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है. लालबाजार के डकैती विभाग की टीम ने पांच आरोपियों […]

कोलकाता: जोड़ाबागान थानाअंतर्गत स्ट्रांड रोड में स्थित मारुति इंटरप्राइज नामक चीनी सप्लाई कंपनी के दफ्तर में आठ लाख रुपये की डकैती की साजिश स्थानीय मुटिया व एक ट्रक चालक ने मिलकर रची थी. इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है. लालबाजार के डकैती विभाग की टीम ने पांच आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया है.

दबोचे गये बदमाशों के नाम दीपक पासवान (19) (झाझा, बिहार), पप्पू पासवान (28) (जमुई, बिहार), कीर्तन यादव (32) (गिरिडीह, झारखंड), रामब्रिज साव (38) (लक्खीसराय, बिहार) और राजीव महतो (26) (बेगुसराय, बिहार) है. सभी बिहार व झारखंड के रहनेवाले हैं. दीपक को छोड़कर बाकी सभी बर्दवान, हुगली और कोलकाता में रहते हैं. इसमें दीपक के पास से डकैती के आठ लाख रुपये में से कुल 10 हजार रुपये पुलिस ने जब्त किये हैं. अदालत में पेश करने पर दीपक को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है. इस घटना में इस्तेमाल हथियार व बाकी रुपये अभी बरामद होना बाकी है.

दीपक के बयान के आधार पर पकड़े गये अन्य आरोपी : पुलिस के मुताबिक दीपक के बयान के आधार पर वे अन्य चारों आरोपियों तक पहुंचे. इसमें प्राथमिक बयान में आरोपियों ने बताया कि डकैती की पूरी साजिश वहां मुटिया का काम करने वाले रामब्रिज साव व ट्रक चालक राजीव महतो ने रची थी. अपने गांव के रहनेवाले बाकी आरोपियों को भी इन्होंने ही इस कांड के लिए शामिल किया था. किस समय दफ्तर में मालिक व ग्राहक नहीं रहते हैं, यह पूरी जानकारी इन दोनों ने ही अन्य आरोपियों को बताकर डकैती की पूरी प्लानिंग की थी. इसके बाद वारदात के पहले पूरा गैंग दफ्तर के आसपास के इलाके में घुमकर इलाके का जायजा भी ले चुके थे. अंत में दो जून की दोपहर को इस वारदात को अंजाम दिया गया.
अब भी पकड़ के बाहर हैं तीन अारोपी : इस मामले में कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (5) व संयुक्त आयुक्त (अपराध) विशाल गर्ग ने बताया कि इस मामले में दीपक की अदालत में पेशी पहले ही हो गयी थी. वह 20 जून तक पुलिस हिरासत में है. अन्य चारों को बुधवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया जायेगा. जांच में पता चला है कि इस मामले में कुछ और लोग शामिल हैं. उनकी भी तलाश हो रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर डकैती के रुपये व वारदात के समय इस्तेमाल हथियार बरामद करने की कोशिश की जा रही है.
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक घटना के समय दफ्तर के अंदर लैंडलाइन नंबर से वहां के एक कर्मचारी ने मालिक बिहारी लाल अग्रवाल को फोन किया था. उस समय फोन कटने के बजाय चालू ही रह गया था. इसके कारण वारदात के समय डकैतों के आपसी बातचीत को मालिक ने सुन लिया था. थाने में शिकायत के दौरान उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी दी थी. इसके अलावा डकैतों ने दफ्तर से आठ लाख रुपये के अलावा कर्मचारियों का मोबाइल फोन भी छीन लिया और साथ ले गये थे. इसके बाद पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि सभी आरोपी घटना के बाद हावड़ा की तरफ भागे हैं. फोन कॉल सूत्र को सुराग बनाकर पुलिस बिहार के झाझा में स्थित दीपक पासवान के घर तक पहुंच गयी और उसे 10 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया.

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