Vivek Tiwari Murder: लखनऊ में हुए चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में सत्र अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि दूसरे सिपाही संदीप को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. अदालत के इस फैसले से असंतोष जताते हुए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया है.
28 सितंबर 2018 की आधी रात के बाद हुई थी घटना
करीब आठ साल पहले 28 सितंबर 2018 की आधी रात के बाद विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना के समय वह अपनी सहकर्मी सना खान को घर छोड़ने जा रहे थे. रात करीब 1:30 बजे गोमतीनगर विस्तार के पास सड़क पर कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने लाइसेंसी पिस्टल से विवेक को गोली मार दी. प्रशांत के साथ सिपाही संदीप भी मौजूद था. गोली लगने के बाद विवेक को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.
सना ने कराई थी पहली एफआईआर, पत्नी ने भी दर्ज कराया केस
हत्याकांड के बाद विवेक की सहकर्मी सना खान ने पहली एफआईआर दर्ज कराई थी. रिपोर्ट के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे सना ने मुकदमा दर्ज कराया था, जबकि उसी दिन शाम करीब 7 बजे विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने दूसरी एफआईआर दर्ज कराई. इसमें घटना के समय दोनों पुलिसकर्मियों के मौजूद होने की बात सामने आई थी. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रशांत चौधरी ने सना खान को डंडे से पीटा और गाड़ी के बोनट पर भी डंडे मारे थे.
फैसले से संतुष्ट नहीं पत्नी, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
कोर्ट के फैसले पर कल्पना तिवारी ने असंतोष जताया. उन्होंने कहा कि जब प्रशांत और संदीप दोनों घटना के समय साथ थे, तो प्रशांत को गोली चलाने से संदीप ने क्यों नहीं रोका. कल्पना ने दोनों को हत्याकांड में बराबर का भागीदार बताते हुए संदीप को बरी किए जाने पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि वह फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी और न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी.
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