UP Politics: संसद परिसर में साधु वेश पहनकर किए गए प्रदर्शन को लेकर वाराणसी में दर्ज एफआईआर अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भाजपा को निशाने पर लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि क्या अब रामलीला में सीता हरण के प्रसंग के दौरान रावण का वेश धारण करने वाले कलाकारों पर भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग वास्तविक जीवन में लोगों की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचा रहे हैं, झूठे आरोप लगा रहे हैं और अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत होने के मामले में कार्रवाई कब होगी. उनका यह बयान वाराणसी के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया है.
संत समाज की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
दरअसल, संसद परिसर में साधु वेश पहनकर किए गए प्रदर्शन को लेकर पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने वाराणसी के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने साधु की वेशभूषा पहनकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिससे संत समाज और सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुईं. इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शिकायत को लेकर संत समाज ने विरोध भी जताया और कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने क्या कहा-
इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि संतों की ओर से कोतवाली थाने में तहरीर दी गई है. तहरीर में कहा गया है कि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा साधु वेश में किए गए कृत्य से सनातन धर्म का अपमान हुआ है. अधिकारी ने कहा कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह मुकदमा केवल राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज किया गया है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह मामला संसद परिसर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. सांसद पप्पू यादव ने कांवड़ यात्रा के दौरान कथित चढ़ावा चोरी की घटनाओं के विरोध में साधु की वेशभूषा पहनकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था. इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद भी उनके साथ मौजूद थे. प्रदर्शन को लेकर वाराणसी के पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने शिकायत दर्ज कराई. उनका आरोप है कि साधु वेश में किया गया प्रदर्शन संत समाज और सनातन धर्म का अपमान है तथा इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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