UP के बलिया में IGRS पर डीएम का एक्शन, 9 विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश

UP News: बलिया जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. नौ विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है.

UP News: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक हुई. जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए. आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान नौ विभागों की ओर से शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रगति 80 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए. इससे कम फीडबैक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने पर नोटिस

शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने की समीक्षा में खंड शिक्षा अधिकारी नगर की प्रगति शून्य पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई. उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. वहीं, दो विभागों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने की प्रगति शून्य मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

आईजीआरएस पोर्टल पर विद्युत विभाग के अधिकारी की ओर से गलत निस्तारण आख्या अपलोड किए जाने का मामला सामने आया. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.

सात दिन में मुख्यमंत्री संदर्भ का निस्तारण

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण सात दिन के भीतर और जिलाधिकारी संदर्भ की शिकायतों का निस्तारण 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि आईजीआरएस पोर्टल पर किसी विभाग की शिकायत डिफाल्टर पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग पर भी फटकार

बैठक में सीएम डैशबोर्ड की भी समीक्षा की गई. जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग सी, जल जीवन मिशन की रैंकिंग बी और फैमिली आईडी की रैंकिंग बी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी रैंकिंग को ए श्रेणी में लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें. रैंकिंग में सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई.

निर्माण कार्यों में लापरवाही पर भी नाराज हुए डीएम

निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान राजकीय निर्माण निगम की ओर से शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना में लापरवाही सामने आई. इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण परियोजनाओं की प्रगति तेज करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करें. बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सीआरओ गुलशन जी, एडीएम अनिल कुमार समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.

कुछ विभागों पर नरमी को लेकर उठे सवाल

बैठक में जहां नौ विभागों के अधिकारियों पर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लेने के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं राजस्व, एडीओ पंचायत और बिजली विभाग से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. खासकर बिजली विभाग के मामले में गलत निस्तारण आख्या अपलोड किए जाने पर कारण बताओ नोटिस का निर्देश दिया गया, जबकि अन्य विभागों में शिकायतों के निस्तारण और फीडबैक की स्थिति को लेकर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई. ऐसे में सवाल है कि क्या सभी विभागों के लिए कार्रवाई का एक समान पैमाना तय है. हालांकि, बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनशिकायतों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्व, पंचायत और बिजली विभाग की प्रगति पर भी प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी.

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By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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