UP Crime: उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता राकेश मोगा का व्हाट्सएप खाता अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा अनधिकृत रूप से हैक कर लिया गया है. इस घटना के तुरंत बाद, डिजिटल जालसाजों ने उनके संपर्क सूची में मौजूद रिश्तेदारों, मित्रों और सहकर्मियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. ठग अधिकारी का नाम और पहचान इस्तेमाल करके आपातकालीन स्थितियों का झूठा हवाला दे रहे हैं. वे अलग-अलग लोगों को मैसेज भेजकर तुरंत खाते में पैसे ट्रांसफर करने की मांग कर रहे हैं.
झूठे बहानों से धोखाधड़ी का प्रयास और सतर्कता की अपील
साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे संदेशों में अचानक आई किसी गंभीर बीमारी, पारिवारिक संकट या फिर किसी अत्यंत आवश्यक विभागीय काम का बहाना बनाया जा रहा है. इस तरह के अप्रत्याशित और गंभीर मैसेज प्राप्त होने से अधिकारी के परिचितों तथा प्रशासनिक अमले में गहरा भ्रम एवं चिंता का माहौल बन गया. जब कुछ सतर्क लोगों ने सीधा संपर्क किया, तब इस धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ. इसके बाद पीड़ित अभियंता ने तुरंत सभी संबंधित लोगों को सचेत रहने की अपील की.
कानूनी कार्रवाई और साइबर सुरक्षा हेतु प्रशासन की चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित अधिकारी ने स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को इस वित्तीय ठगी की शिकायत दर्ज करा दी है. साइबर विशेषज्ञ अब डिजिटल साक्ष्यों और ऑनलाइन खातों की जांच करके अपराधियों तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर पैसे माँगने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज पर बिना पुष्टि किए कभी विश्वास न करें और साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.
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