UP Weather Today: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय है. गुरुवार यानी 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. पश्चिमी यूपी में गुरुवार को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और अलग-अलग मौसम रिपोर्टों को देखें तो अगले 48 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, नोएडा, गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, फतेहपुर, बांदा, झांसी, जालौन और चित्रकूट समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जतायी गयी है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
आज यानी 20 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी यूपी में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है, जबकि पूर्वी यूपी में भी कई जगह भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 20 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बारिश के साथ कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. कुछ रिपोर्टों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा के झोंकों की आशंका जतायी गयी है. ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से सावधानी बरतने की जरूरत है.
कल यानी 21 अगस्त को भी राहत नहीं
शुक्रवार को भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने के आसार नहीं हैं. IMD के ताजा सब-डिविजन अलर्ट में पूर्वी यूपी के लिए 21 अगस्त को भारी बारिश और पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश की चेतावनी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 अगस्त तक बारिश का असर बने रहने का अनुमान है. यानी पूर्वांचल के जिलों—वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर और आसपास के इलाकों—में अगले दो दिनों के दौरान मौसम सक्रिय रह सकता है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है.
बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम का असर
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ को प्रमुख वजह माना जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के कारण गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ी हैं. IMD के 19 अगस्त के अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन में भी 20 से 22 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश तथा 21 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना दर्ज की गयी है.
किन इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
बारिश का असर खासकर पूर्वांचल, मध्य यूपी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है. लगातार बारिश वाले इलाकों में निचली बस्तियों, जलभराव वाले रास्तों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रयागराज समेत कुछ शहरों में पहले ही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति सामने आ चुकी है. ऐसे में अगले दो दिनों की बारिश शहरी इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है.
मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें
बारिश के दौरान बिजली चमकने या गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है. तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है. कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को मानसून सक्रिय रहने वाला है. आज पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की संभावना के साथ पूर्वी यूपी में भी भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि कल यानी 21 अगस्त को भी कई हिस्सों में बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं.
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