योगी ने चलाया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे

UP Top News Today: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर वृक्षारोपण महाभियान-2025 शुरू किया है. इस बार एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है. नवजातों को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ मिलेगा और पौधों की जियो टैगिंग व फेंसिंग सुनिश्चित की जाएगी.

UP Top News Today: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन महोत्सव-2025 को प्रदेशव्यापी जनांदोलन का स्वरूप देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि यह अभियान न सिर्फ पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि प्रदेश को हीटवेव से ग्रीनवेव की ओर ले जाने का एक निर्णायक कदम होगा. “एक पेड़ मां के नाम” थीम पर आधारित यह अभियान भावनात्मक और सामाजिक जुड़ाव को भी प्रोत्साहित करेगा. इसका उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं बल्कि लोगों को वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन से भी जोड़ना है.

2017 से अब तक 204 करोड़ से अधिक पौधे

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ बताया कि 2017 से 2024 के बीच प्रदेश में कुल 204.92 करोड़ पौधे लगाए गए हैं. यह केवल एक संख्या नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की हरियाली की वापसी का संकेत है. देहरादून स्थित भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में प्रदेश के ग्रीन कवर में 3 लाख एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. यह उपलब्धि वृक्षारोपण के प्रति सरकारी प्रयासों और जनता की भागीदारी का प्रमाण है.

नवजातों को मिलेगा ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’

योगी सरकार ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत वन महोत्सव के दौरान जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा. इसके साथ ही उनके माता-पिता को एक पौधा भेंट किया जाएगा ताकि वह पौधा बच्चे के साथ बड़ा हो और एक भावनात्मक रिश्ता बने. यह कदम पर्यावरणीय संवेदनशीलता को जन्म से ही जोड़ने की दिशा में प्रशंसनीय प्रयास है.

35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, 52 करोड़ से अधिक पौधे तैयार

सरकार इस बार 35 करोड़ पौधारोपण का भव्य लक्ष्य लेकर चल रही है, जो कि प्रदेश की जनसंख्या से भी अधिक है. इसके लिए वन विभाग 12.60 करोड़ पौधे और अन्य विभाग 22.40 करोड़ पौधे लगाएंगे. 52.43 करोड़ पौधों की नर्सरी 1901 वन विभागीय, 146 उद्यान विभागीय, 55 रेशम विभागीय और 484 निजी पौधशालाओं में तैयार की गई है. सभी विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है, जो अभियान की निगरानी करेंगे.

स्कूलों और अस्पतालों में होंगे छायादार वृक्ष

प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत चयनित सभी स्कूलों में व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण मिल सके. मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में सहजन जैसे औषधीय और छायादार पौधों का रोपण अनिवार्य रूप से किया जाएगा. इससे न केवल पर्यावरण बेहतर होगा बल्कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी राहत मिलेगी.

गो-आश्रय स्थलों में नीम, पीपल, पाकड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गो आश्रय स्थलों में नीम, पाकड़ और पीपल जैसे छायादार और औषधीय पौधे प्राथमिकता से लगाए जाएं. इससे गोवंश को प्राकृतिक छाया मिलेगी और वातावरण भी शुद्ध होगा. यह पशु कल्याण और पर्यावरण सुरक्षा का सम्मिलित उदाहरण बनेगा.

एक्सप्रेसवे किनारे बनेगी हरित पट्टी

प्रदेश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे के किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे न सिर्फ सौंदर्यीकरण होगा बल्कि प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा. सर्विस लेन और मुख्य मार्गों के बीच हरित पट्टी बनाने के लिए चयनित पौधों का इस्तेमाल किया जाएगा. यह पर्यटकों और यात्रियों को भी सुखद अनुभव देगा.

किसान सम्मान निधि से जुड़ेंगे लाभार्थी

सीएम योगी ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत लाभान्वित किसानों से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की है. इसके लिए ग्राम पंचायतों और कृषि विभाग के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ेगी और किसान वृक्षों को अपनी आय और पर्यावरण का हिस्सा समझ सकेंगे.

जनसहभागिता से जागरूकता अभियान

सरकार इस अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी. नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रभात फेरियां और फोटोग्राफी जैसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. स्कूल, कॉलेज, ग्राम सभाएं और स्थानीय संगठन इसमें सक्रिय भागीदारी करेंगे.

नदियों का पुनर्जीवन और पौधरोपण

नदियों के संरक्षण को अभियान के केंद्र में रखा गया है. सभी नदियों के दोनों तटों पर पौधरोपण होगा और नदियों का चैनलाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि जलधाराएं सुरक्षित रहें. साथ ही, तालाबों, झीलों और अन्य जलस्रोतों के किनारे भी पौधरोपण किया जाएगा जिससे जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा.

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Published by: Abhishek singh

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