Meerut News: देश की रक्षा के लिए बहादुरी दिखाने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. अब सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित वीरता पदक विजेताओं को भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ पात्र जीवनसाथी और अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी दिया जाएगा.
मेरठ और पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए भी अहम फैसला
रक्षा मंत्रालय के इस फैसले का मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी खास महत्व है. मेरठ कैंट देश के प्रमुख सक्रिय सैन्य छावनी क्षेत्रों में शामिल है. इसके अलावा मेरठ मंडल और आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और सैन्य परिवार रहते हैं. ऐसे में नई व्यवस्था से क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.
किन क्लास में मिलेगी मुफ्त यात्रा?
मंत्रालय के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी और एसी चेयर कार में यात्रा की सुविधा मिलेगी. वीरता पदक विजेताओं के जीवनसाथी भी इस सुविधा के पात्र होंगे. इसके अलावा विधवा या विधुर जीवनसाथी को पुनर्विवाह तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी. वहीं, अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी इस सुविधा के दायरे में रखा गया है.
1 नवंबर 2026 से शुरू होगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग
इस सुविधा को लागू करने के लिए डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था तैयार की गई है. पात्र लाभार्थी इंडियन रेलवे कन्सेशन कार्ड पोर्टल https://irccp.indianrail.gov.in/IRCCP/पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. रजिस्ट्रेशन और जरूरी सत्यापन पूरा होने के बाद ऑनलाइन ई-पास जारी किया जाएगा. इसके आधार पर 1 नवंबर 2026 से आईआरसीटीसी वेब पोर्टल के जरिए टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होगी.
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, नहीं लगाने होंगे चक्कर
नई व्यवस्था का मकसद पात्र लाभार्थियों को रेल यात्रा की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराना है. रजिस्ट्रेशन से लेकर सत्यापन और ई-पास जारी करने तक की प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है. रक्षा मंत्रालय की यह पहल वीरता पदक विजेताओं और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं की मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाती है. सरकारी रिकॉर्ड में वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए रेल यात्रा से जुड़ी रियायतों का भी उल्लेख मिलता है.
मेरठ जैसे सैन्य शहर में इसलिए खास है यह सुविधा
मेरठ की सैन्य पृष्ठभूमि और आसपास बड़ी संख्या में सैन्य परिवारों की मौजूदगी को देखते हुए इस फैसले का स्थानीय स्तर पर भी महत्व है. पात्र वीरता पदक विजेता और निर्धारित श्रेणी में आने वाले उनके परिजन नई डिजिटल व्यवस्था के जरिए इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे.
