लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अनुकरणीय राज्य बना. लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उत्तर प्रदेश उभरा.

लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स – लीड्स (LEADS) 2025* रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार प्राप्त किया है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड (चारों ओर भूमि से घिरा) राज्य बनकर उभरा है. पिछले तीन साल (2022 से 2024) तक लगातार “अचीवर” रहने के बाद, इस साल शीर्ष पायदान पर राज्य की यह छलांग यहां के बेहतरीन कनेक्टिविटी नेटवर्क और प्रभावी नीतिगत सुधारों का सीधा परिणाम है.

यह सम्मान बुधवार (13 मई) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित लीड्स 2025 रिपोर्ट एवं LEAPS (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया गया. उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने प्राप्त किया.

वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) द्वारा शुरू की गई ‘लीड्स’ पहल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है. इस रैंकिंग में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था तथा परिचालन दक्षता जैसे महत्वपूर्ण मानकों का मूल्यांकन किया जाता है.

इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ ने इस सफलता पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है. ‘उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022’ के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है.

राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत एवं कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है. इन पहलों से परिवहन लागत में कमी, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन दक्षता में सुधार सुनिश्चित हो रहा है.

उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश एवं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देकर लॉजिस्टिक्स विकास को गति दे रहा है. एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर और आगामी हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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