Video: 2 महीने पहले प्रतीक से मिले थे अखिलेश यादव, दी थी ये सलाह

Video : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का लखनऊ में निधन हो गया. प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे थे. प्रतीक के निधन पर अखिलेश का रिएक्शन आया है.

Video : लखनऊ में अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि वे बचपन से उन्हें जानते थे और उनका जाना बेहद दुखद है. प्रतीक हमेशा अपनी सेहत को लेकर सजग रहते थे और जिंदगी में आगे बढ़कर कुछ अच्छा करने की सोच रखते थे. अखिलेश ने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी मुलाकात हुई थी, तब भी उन्होंने प्रतीक को सेहत का ध्यान रखने और अपने बिजनेस पर फोकस करने की सलाह दी थी.

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर लोग मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि अब जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, वह कानून के मुताबिक ही की जाएगी और परिवार की इच्छा का पूरा सम्मान किया जाएगा.

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तबीयत बिगड़ने पर प्रतीक को सिविल अस्पताल ले जाया गया

अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया. उनकी उम्र करीब 38 साल थी. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मौत की वजह अभी साफ नहीं है और जांच जारी है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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