कैसे हुई अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक की मौत? बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया. प्रतीक ने लखनऊ में अंतिम सांस ली. प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे थे.

प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर Civil Hospital से KGMU Mortuary ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी. वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े थे और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे. उनकी मौत के बाद परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है, अस्पताल परिसर में भी भीड़ नजर आ रही है.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार (13 मई) सुबह निधन हो गया. उनकी उम्र करीब 38 वर्ष बताई जा रही है. परिजनों के अनुसार तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मौत की वजह फिलहाल साफ नहीं हो पाई है और जांच की बात कही जा रही है अभी जारी है.

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मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे प्रतीक

प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. वे अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक रहते थे और राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद खुद सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे. हालांकि उनकी पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव बीजेपी में शामिल हुईं और फिलहाल उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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