UP News: उत्तर प्रदेश में रात के समय बिजली कटौती से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है. पिछले 48 घंटे में प्रदेश की कई तापीय बिजली परियोजनाओं की बंद इकाइयां फिर चल पड़ी हैं. इससे 2500 मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है. शुक्रवार को करीब 1000 मेगावाट और बिजली मिलने की उम्मीद है. इसके बाद गांवों और कस्बों में रात की कटौती और कम हो सकती है.
कई बंद यूनिटों से फिर शुरू हुआ उत्पादन
पिछले करीब 15 दिनों से यूपी में बिजली की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ था. कोयला खदानों में पानी भरने से कोयला गीला हुआ. कोयले की उपलब्धता भी प्रभावित हुई. इसके साथ कुछ तापीय इकाइयों में तकनीकी दिक्कतें सामने आईं. इसका असर खास तौर पर रात की बिजली आपूर्ति पर पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को अनपारा, हरदुआगंज और ओबरा की कई इकाइयों से करीब 1500 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हुआ. इसके बाद गुरुवार को घाटमपुर और जवाहरपुर की एक-एक यूनिट ने भी उत्पादन शुरू कर दिया. इससे राज्य की बिजली उपलब्धता में 1000 मेगावाट से अधिक का इजाफा हुआ.
शुक्रवार को करीब 1000 मेगावाट और मिलने की उम्मीद
घाटमपुर की एक और यूनिट तथा रोजा की बंद यूनिट से शुक्रवार को उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. इनके चालू होने से करीब 1000 मेगावाट और बिजली उपलब्ध हो सकती है. इससे रात में बिजली की कमी और घटने की संभावना है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि बिजली की उपलब्धता लगातार बेहतर हो रही है. जिन क्षेत्रों में पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण रात में कटौती करनी पड़ रही है, वहां दिन में अतिरिक्त बिजली देकर इसकी भरपाई की जा रही है.
मांग से 3000 मेगावाट कम थी उपलब्धता
हाल में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच करीब 3000 मेगावाट का अंतर हो गया था. इसके कारण गांवों में रात के समय तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती करनी पड़ी. दिन में अतिरिक्त आपूर्ति के बावजूद ग्रामीण इलाकों में कई जगह 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही थी. अब तापीय इकाइयों के दोबारा चालू होने से तस्वीर बदलती दिख रही है. अधिकारियों के अनुसार अगले एक-दो दिन में बिजली की उपलब्धता और बढ़ी तो रात में गांवों और कस्बों में कटौती की जरूरत नहीं पड़ सकती है.
