यूपी BJP में फिर दिखी तकरार: बलिया में नारद राय-उपेंद्र तिवारी आमने-सामने, बयानबाजी ने बढ़ाई सियासी गर्मी

UP Politics: फेफना विधानसभा में भाजपा की राजनीति दिलचस्प मोड़ पर है. पूर्व मंत्री नारद राय की वापसी और मौजूदा विधायक उपेंद्र तिवारी के बीच बयानबाजी ने हलचल मचा दी है. जानें इस अंदरूनी कलह का संभावित असर.

UP Politics: फेफना विधानसभा में भाजपा की सियासत इन दिनों दिलचस्प मोड़ पर है. कभी समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे नारद राय अब भाजपा का दामन थामकर उसी फेफना विधानसभा से अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं, जहां से उपेंद्र तिवारी लगातार दो बार विधायक चुने जा चुके हैं. ऐसे में दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी, कटाक्ष और राजनीतिक खींचतान ने इलाके की सियासत को गरमा दिया है.दोनों नेताओं के हालिया बयानों से साफ है कि फेफना की सियासी जमीन पर मुकाबला सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर भी दिलचस्प होने वाला है. सामने आए दोनों वीडियो में नारद राय और उपेंद्र तिवारी एक-दूसरे पर राजनीतिक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं. उनके बयानों में कटाक्ष भी है और अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का संदेश भी.

नारद राय की एंट्री ने बदला फेफना का समीकरण

नारद राय लंबे समय तक समाजवादी राजनीति से जुड़े रहे और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे हैं. भाजपा में शामिल होने के बाद अब उनकी सक्रियता बलिया की फेफना विधानसभा में बढ़ी है. ऐसे में स्वाभाविक तौर पर उनकी राजनीतिक गतिविधियों को उपेंद्र तिवारी की मौजूदा पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है. उपेंद्र तिवारी फेफना विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं और इलाके में उनका अपना राजनीतिक आधार माना जाता है. ऐसे में नारद राय का उसी विधानसभा क्षेत्र में मजबूती से सक्रिय होना भाजपा की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण पैदा कर रहा है.

वीडियो में दिखी आपसी खींचतान

सामने आए दोनों वीडियो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद अब सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच चुके हैं. एक तरफ नारद राय अपने अंदाज में राजनीतिक जवाब देते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ उपेंद्र तिवारी भी कटाक्ष के जरिए अपनी बात रखते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि दोनों नेताओं के बीच यह बयानबाजी व्यक्तिगत टकराव है या राजनीतिक दावेदारी का हिस्सा, यह आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन इतना जरूर है कि फेफना में भाजपा की अंदरूनी सियासत अब चर्चा का विषय बन गई है.

एक सीट, दो मजबूत दावेदार और बढ़ती सियासी गर्मी

फेफना विधानसभा में भाजपा के सामने सबसे दिलचस्प सवाल यही है कि आने वाले समय में पार्टी की स्थानीय राजनीति किस दिशा में जाती है. एक ओर दो बार विधायक रहे उपेंद्र तिवारी हैं, जिनकी क्षेत्र में पुरानी राजनीतिक पकड़ है. दूसरी ओर नारद राय हैं, जो लंबे राजनीतिक अनुभव और मंत्री पद की पृष्ठभूमि के साथ भाजपा में आए हैं और फेफना में अपनी मौजूदगी लगातार दर्ज करा रहे हैं. ऐसे में दोनों नेताओं के बीच होने वाली बयानबाजी को महज जुबानी जंग मानना जल्दबाजी होगी. फेफना की राजनीति में आने वाले दिनों में यह खींचतान किस बड़े सियासी समीकरण को जन्म देती है, इस पर सभी की नजर रहेगी. फिलहाल दोनों नेताओं के वीडियो सामने आने के बाद फेफना की भाजपा राजनीति में चर्चा तेज है—नारद राय के तेवर और उपेंद्र तिवारी के कटाक्ष ने सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है.

यह भी पढ़ें: एक बार फिर बढ़ी सपा नेता आजम खान की मुश्किलें: 20 साल पुराने पार्क कब्जे मामले में SIT गठित, सामने आया नाम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >