उप्र के स्कूलों पर बुलडोज़री वार, अबकी बार भाजपा पक्का बाहर! बलिया के पंदह में स्कूल पर चला बुलडोजर, गरमाई सियासत

UP Politics: उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. बलिया के शिक्षा क्षेत्र पंदह की घटना ने इसे फिर से मुद्दा बना दिया है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और सरकारी विद्यालयों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है. बलिया के शिक्षा क्षेत्र पंदह में स्कूल भवन पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद मामला चर्चा में है. इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘उप्र के स्कूलों पर बुलडोज़री वार, अबकी बार भाजपा पक्का बाहर’ वाले राजनीतिक तेवर ने मुद्दे को और धार दे दी है.

पंदह में स्कूल भवन पर चला बुलडोजर

बलिया जनपद के शिक्षा क्षेत्र पंदह में स्कूल भवन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. जर्जर भवन को लेकर कार्रवाई की बात पहले भी सामने आ चुकी है. अगस्त 2025 में बरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को गिराने का आदेश दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की खबर सामने आई थी. अब स्कूल परिसर में बुलडोजर की कार्रवाई सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. सवाल यह भी है कि जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई कितनी देर से लंबित थी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले क्या कदम उठाए गए?


अखिलेश के बयान से जुड़ा राजनीतिक रंग

स्कूलों पर बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साधता रहा है. अखिलेश यादव के बयान को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है. सपा इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की स्थिति से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

असली सवाल बच्चों की सुरक्षा का

स्कूल भवन को गिराने की कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जर्जर भवन में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या की गई है. यदि भवन खतरनाक घोषित था तो उसे हटाने में देरी क्यों हुई और यदि अब उसे गिराया गया है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई कहां होगी? बलिया में सरकारी स्कूलों को लेकर पहले भी सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की खबरें सामने आती रही हैं. हाल ही में जिले के एक सरकारी स्कूल में 1360 बच्चों के नामांकन की खबर भी सामने आई थी.

बुलडोजर के बाद अब जवाबदेही पर नजर

पंदह की कार्रवाई के बाद निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर हैं. अब देखना होगा कि स्कूल भवन को लेकर आगे क्या व्यवस्था की जाती है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

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लेखक के बारे में

By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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