UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव 2026 की तारीख को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है. इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान ने चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है. उन्होंने संकेत दिया है कि प्रदेश में ग्राम सभा का चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले होता नजर नहीं आ रहा है. राशन डीलरों को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि अभी उन्हें नहीं लगता कि विधानसभा से पहले ग्राम सभाओं के चुनाव होंगे. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव में देरी क्यों हो रही है और विधानसभा चुनाव पहले कराने की क्या तस्वीर बन रही है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई कब होगी?
यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2026 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी मामला अहम बना हुआ है. चुनाव की समयसीमा और पंचायतों से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट की कार्यवाही पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर है. ऐसे में अगली सुनवाई को लेकर भी लोगों की उत्सुकता बढ़ी हुई है. हालांकि, कोर्ट की सुनवाई की तारीख और आदेश को लेकर किसी भी जानकारी को आधिकारिक रिकॉर्ड से ही पुष्ट करना जरूरी है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगली सुनवाई 19 अगस्त को होनी है.
क्यों हो रही ग्राम पंचायत चुनाव कराने में देरी?
यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव में देरी के पीछे कई प्रशासनिक और कानूनी पहलू महत्वपूर्ण हैं. पंचायतों के परिसीमन, आरक्षण प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनावी तैयारियों से जुड़ी प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी होता है. हालांकि मतदाता सूची की अंतिम जारी की जा चुकी है. इसके अलावा चुनाव की समयसीमा और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार की तैयारियां भी चर्चा में हैं. यही वजह है कि ग्राम पंचायत चुनाव 2026 की तारीख को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के ताजा बयान के बाद यह सवाल और अहम हो गया है कि प्रदेश में पहले विधानसभा चुनाव होंगे या ग्राम पंचायत चुनाव. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
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