UP का अगला मुख्यमंत्री कौन? पूर्व IG का सनसनीखेज दावा, योगी और अखिलेश में किसका पलड़ा भारी

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ज्योतिषीय आकलन ने सियासी हलचल मचा दी है. पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के भविष्य का वैदिक ज्योतिषीय आकलन किया है. जानें किसके सीएम बनने की संभावना अधिक है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनाव के बाद यूपी की सत्ता की कमान किसके हाथ होगी? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सत्ता में लौटेंगे या समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव वापसी करेंगे? इस सवाल पर आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के एक ज्योतिषीय आकलन ने सियासी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है. अमिताभ ठाकुर ने योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव का तुलनात्मक वैदिक ज्योतिषीय आकलन सार्वजनिक किया है. इसमें अगस्त 2026 से जुलाई 2027 तक की अवधि को आधार बनाया गया है. आकलन का दावा है कि मुख्यमंत्री पद पर दोबारा पहुंचने की ज्योतिषीय संभावना योगी आदित्यनाथ के पक्ष में अखिलेश यादव की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई देती है.

आखिर किसके सिर सजेगा यूपी का ताज?

अमिताभ ठाकुर के आकलन के मुताबिक योगी आदित्यनाथ की कुंडली में 2026-27 के दौरान सत्ता, उच्च पद, प्रशासनिक अधिकार और संस्थागत निरंतरता से जुड़े संकेत अपेक्षाकृत मजबूत हैं. यही संकेत मुख्यमंत्री पद पर उनकी संभावित वापसी की ओर इशारा करते हैं. वहीं, अखिलेश यादव के लिए इसी अवधि में राजनीतिक सक्रियता, संगठनात्मक प्रभाव और विपक्षी नेतृत्व से जुड़े संकेत मजबूत बताए गए हैं. हालांकि, मुख्यमंत्री पद की पुनर्प्राप्ति के संकेत योगी आदित्यनाथ की तुलना में कम निर्णायक बताए गए हैं.


पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुद का दावा

पूर्व IG ने खुद बताया- पसंद के खिलाफ है आकलन

इस पूरे आकलन की सबसे दिलचस्प बात अमिताभ ठाकुर का अपना राजनीतिक रुख है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत स्तर पर योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली के आलोचक हैं. इसके बावजूद उनका कहना है कि ज्योतिषीय आकलन में जो परिणाम सामने आया, उसे अपनी राजनीतिक पसंद से अलग रखते हुए जनता के सामने रखना उनका दायित्व है.

चुनावी सर्वे नहीं, सिर्फ ज्योतिषीय आकलन

अमिताभ ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका आकलन किसी चुनावी सर्वेक्षण, राजनीतिक सूचना, दलगत स्रोत या मौजूदा राजनीतिक समीकरण पर आधारित नहीं है. यह दोनों नेताओं के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-विवरण के आधार पर वैदिक ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार किया गया आकलन है.

अब असली सवाल...

2027 के विधानसभा चुनाव में जनता किसे जनादेश देगी, यह तो चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे. लेकिन उससे पहले पूर्व आईपीएस अधिकारी का यह ज्योतिषीय आकलन यूपी की राजनीति में एक नया सवाल जरूर खड़ा कर रहा है—क्या 2027 में योगी आदित्यनाथ फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे या अखिलेश यादव सत्ता में वापसी का सपना पूरा करेंगे? फिलहाल ज्योतिषीय आकलन में योगी का पलड़ा भारी बताया गया है, लेकिन अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश की जनता के वोट से ही होगा.

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By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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