रोडवेज बसों में सफर अब और सुरक्षित: जानिए क्या खास व्यवस्था होगी यात्रियों और चालकों के लिए

UP NEWS: उत्तर प्रदेश रोडवेज ने रात की बस यात्राओं को सुरक्षित बनाने के लिए झपकी अलार्म डिवाइस और सेंसर युक्त कैमरे लगाने का फैसला किया है. ये तकनीक चालक की नींद और बस की गति पर नजर रखेगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और यात्राएं सुरक्षित होंगी.

UP NEWS: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने बस यात्रियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए एक अहम पहल की है. निगम अब अपनी बसों में आधुनिक तकनीक से लैस “झपकी अलार्म डिवाइस” और “सेंसर युक्त कैमरे” लगाने जा रहा है. खासतौर पर रात में चलने वाली लंबी दूरी की बसों में यह तकनीक चालक को सतर्क रखने का काम करेगी. इन उपकरणों की मदद से चालक के व्यवहार और बस की गति पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक रोका जा सकेगा. रोडवेज अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी.

उत्तर प्रदेश रोडवेज का नया कदम: बस यात्राओं को और अधिक सुरक्षित बनाने की पहल में नीचे दी गई कुछ खास व्यवस्थाएं होंगी…..

झपकी अलार्म डिवाइस से बढ़ेगी सुरक्षा

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने रात में चलने वाली बसों में दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब रोडवेज बसों में “झपकी अलार्म डिवाइस” लगाई जाएगी. यह डिवाइस बस के एक्सीलेटर से जुड़ी होगी और जैसे ही चालक एक्सीलेटर को दबाना छोड़ देगा या आवश्यकता से अधिक दबाएगा, अलार्म बज उठेगा. यह अलार्म चालक और यात्रियों दोनों को सुनाई देगा, जिससे सभी सतर्क हो सकें.

600 से अधिक बसों में होगी सुविधा लागू

आगरा क्षेत्र के सभी डिपो की 600 से अधिक बसों में यह सुविधा जल्द ही लागू कर दी जाएगी. ये बसें हरिद्वार, देहरादून, गोरखपुर, प्रयागराज और सोनौली बॉर्डर जैसे लंबे रूटों पर संचालित होती हैं. इन रूटों पर अधिकांश बसें रात में चलती हैं, जिससे चालक को झपकी आने की संभावना बढ़ जाती है. इस डिवाइस की मदद से चालक हर समय सतर्क रहेगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.

सेंसर युक्त कैमरों से निगरानी होगी मजबूत

रोडवेज बसों में अब चालक की सीट के आगे सेंसर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे चालक की आंखों की हरकत पर नजर रखेंगे और समय-समय पर आंखों पर रोशनी रिफ्लेक्ट करेंगे. यदि कुछ समय तक स्टेयरिंग का मूवमेंट नहीं होता है, तो बीप की आवाज देना शुरू हो जाएगी. इसके बाद भी प्रतिक्रिया न मिलने पर अलार्म बजेगा. यह अलार्म न सिर्फ चालक, बल्कि परिचालक को भी सतर्क करेगा.

अधिक स्पीड पर भी करेगा अलर्ट

यह तकनीक न केवल झपकी के दौरान, बल्कि तब भी सक्रिय होगी जब बस की गति अधिक होगी. इससे ओवरस्पीडिंग की स्थिति में भी चालक को अलर्ट किया जा सकेगा और दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकेगा.

तकनीक का सफल ट्रायल और भविष्य की योजना

क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि इस डिवाइस का ट्रायल सफल रहा है. यह तकनीक चालक और यात्रियों दोनों के लिए बहुत कारगर साबित हो रही है. जल्द ही आगरा परिक्षेत्र की सभी बसों में यह डिवाइस पूरी तरह से लगाई जाएगी.

उत्तर प्रदेश रोडवेज की यह पहल न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कारगर सिद्ध होगी, बल्कि चालक और परिचालक को भी हर समय सतर्क रखने में मदद करेगी. इस तकनीक के इस्तेमाल से भविष्य में सड़क हादसों में भारी कमी आने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

Author: Abhishek Singh

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