UP News: उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में 20 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है. इनमें करीब 12.5 लाख प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिला है.
आधुनिक कौशल पर जोर
प्रदेश में युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ आधुनिक तकनीकों से जुड़े कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है. 3डी प्रिंटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देकर भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है.
6,952 केंद्रों का नेटवर्क
युवाओं तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश में 6,952 कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क काम कर रहा है. इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है.
जॉब फेयर और कैंपस चयन से रोजगार
प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जॉब फेयर, कैंपस सेलेक्शन और करियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं. इससे प्रशिक्षित युवाओं को कंपनियों और रोजगार के उपलब्ध अवसरों तक सीधे पहुंच बनाने में मदद मिल रही है.
कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक
सरकार का जोर युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर है. कौशल विकास के जरिए युवाओं की क्षमता को मजबूत कर उन्हें प्रदेश के आर्थिक विकास में भागीदार बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
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