UP News: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के करीब 20 लाख बुनकर परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. सरकार अटल बिहारी वाजपेयी पॉवरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना का दायरा मौजूदा 5 किलोवॉट से बढ़ाकर 20 किलोवॉट तक करने पर विचार कर रही है. प्रस्ताव को लेकर हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में हुई बैठक में बुनकरों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा की गई.
20 किलोवॉट तक मिल सकता है फ्लैट रेट योजना का लाभ
बैठक में बुनकर प्रतिनिधियों ने बिजली दर, फ्लैट रेट योजना, सब्सिडी, पुराने बकाया बिल, मीटरिंग, लोड बढ़ाने और नए बिजली कनेक्शन जैसी समस्याएं उठाईं. प्रस्ताव के अनुसार योजना का दायरा बढ़ने के बाद 5 से 20 किलोवॉट तक के पॉवरलूम कनेक्शन भी फ्लैट रेट योजना में शामिल हो सकेंगे. इससे बड़ी संख्या में बुनकरों को कम बिजली शुल्क का लाभ मिलने की उम्मीद है.
बिजली बिलों पर भी मिल सकती है राहत
सरकार वर्ष 2006 की नीति के तहत 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिल, विलंब भुगतान अधिभार और ब्याज से जुड़े मामलों के समाधान पर भी विचार कर रही है. इसके तहत पुराने बकाये के निस्तारण, ब्याज में छूट, आसान किस्तों की सुविधा और एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की संभावना पर मंथन किया गया. योजना लागू होने पर बुनकरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.
जरी कारीगरों को भी मिलेगा योजना का फायदा
सरकार पहली बार जरी कारीगरों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है. प्रस्ताव के तहत जरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली 'बीटाई' मशीनों को बिजली सब्सिडी के दायरे में लाया जाएगा. इससे अब तक योजना से बाहर रहे हजारों जरी कारीगरों को भी सीधा लाभ मिल सकेगा और उनके उत्पादन की लागत कम होने की संभावना है.
