UP News: उत्तर प्रदेश के शहरी इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के 137 नगर निकायों में 73,184 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही योजना के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक के तहत प्रदेश में स्वीकृत घरों की कुल संख्या बढ़कर 4,88,526 हो जाएगी.
73,184 नए घरों को मिली मंजूरी
73,184 आवासों को मंजूरी देने का फैसला सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति और निगरानी समिति (SLSMC) की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत आवासीय परियोजनाओं का निर्माण तय मानकों के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूरा कराया जाए.
निर्माण में देरी पर होगी लगातार निगरानी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए. निर्माण कार्य में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने लाभार्थियों को तय समय के भीतर आवास उपलब्ध कराने और योजनाओं की लगातार निगरानी करने पर विशेष जोर दिया. बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
घर के साथ मिलेंगी ये बुनियादी सुविधाएं
योजना के तहत लाभार्थियों को सिर्फ पक्का मकान ही नहीं, बल्कि जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृत आवासों में बिजली, पेयजल, शौचालय और रसोई गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी. वहीं, योजना की राशि की किस्तें सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएंगी. इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और बिचौलियों की भूमिका कम होगी.
कमजोर और निम्न आय वर्ग को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है. उत्तर प्रदेश में 73,184 नए घरों को मंजूरी मिलने से हजारों परिवारों को अपने घर का सपना पूरा होने की उम्मीद है. सरकार की ओर से परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया है.
