न घोड़ी, न लग्जरी कार, लखीमपुर में निकली अनोखी बारात, दूल्हे की सोच पर फिदा हुई दुल्हन

यूपी के लखीमपुर खीरी की एक बारात ने चर्चा की विषय बन गयी है. इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसे लोग बदलते समय की प्रेरणादायक और पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच बता रहे है.

UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक ऐसी बारात निकली, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस अनोखी बारात में शामिल हुए लोग लगभग 10 किलोमीटर का सफर ई-रिक्शों से तय किया. सबसे आगे दूल्हा राजेश सिंह ई-रिक्शा पर सवार थे, जबकि उनके पीछे बरातियों से भरे ई-रिक्शों की लंबी कतार चल रही थी. बिना धुएं और बिना अधिक शोर-शराबे वाली इस बारात को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल कर बारात को देख रहे थे. कई लोगों ने इस अनोखे नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोगों ने इसे बदलते समय की प्रेरणादायक और पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच का प्रतीक बता रहे हैं. दूल्हे के फैसले से दुल्हन खुश हो गयी.

लखीमपुर की शादी बनी यादगार

आजकल जहां शादियों में महंगी कार, घोड़ा और भव्य सजावट का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं एक युवक ने अपनी शादी को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देने का माध्यम बनाया. जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खीरी के बिजुआ ब्लॉक के ग्राम इटकुटी के मजरा सरदार टांडा निवासी किसान बहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह की शादी शुक्रवार को थी. दुल्हा राजेश सिंह ने अपनी दुल्हन ममता को लेने 20 फूलों से सजे ई-रिक्शों के काफिले के साथ बारात लेकर पहुंच गया. करीब 150 बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए थे. इस अनोखी पहल ने शादी को यादगार बनाने के साथ-साथ लोगों को सकारात्मक संदेश भी दिया.

ई-रिक्शा वाली जिले की पहली बारात

यह अनोखी शादी सिर्फ दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने की कहानी नहीं है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि खुशियां मनाने के लिए दिखावा जरूरी नहीं, बल्कि अच्छी सोच और सकारात्मक पहल ही सबसे बड़ी पहचान होती है. बारात में शामिल लोगों का कहना था कि शादी जैसे आयोजनों में अक्सर दिखावे और खर्च पर अधिक जोर दिया जाता है, लेकिन इस बारात ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है. यह जिले की शायद पहली ऐसी बारात है, जो ई-रिक्शा से निकाली गई.

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Published by: Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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