UP News: गोरखपुर के कौड़ीराम स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील के लिए गेहूं पिसवाने गए कक्षा 8 के एक छात्र की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई. परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन बच्चों से जबरन काम कराता है और मना करने पर नाम काटने की धमकी देता है. वहीं, स्कूल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए छात्र के अपनी इच्छा से गेहूं पिसवाने जाने की बात कही है.
गेहूं की बोरी बांधते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर ओझौली गांव निवासी सलीम 29 जुलाई को स्कूल से गेहूं पिसवाने गया था. परिजनों का कहना है कि सलीम पहले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन उसे भेजा गया. पिसाई के बाद साइकिल पर गेहूं की बोरी बांधते समय बंजी (रबर) अचानक छिटककर उसकी आंख में जा लगी. गंभीर चोट लगने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक आंख की रोशनी प्रभावित होने की बात बताई.
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
घायल छात्र के पिता मजनू और मां जयशाह का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से अक्सर गेहूं पिसवाने समेत अन्य काम कराए जाते हैं. उनका कहना है कि जो छात्र ऐसे काम करने से इनकार करता है, उसे नाम काटने की धमकी दी जाती है. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद छात्र के इलाज के लिए 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
स्कूल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
इंचार्ज प्रधानाचार्य अजंता राय ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्र को केवल साइकिल देने के लिए कहा गया था और वह अपनी इच्छा से गेहूं पिसवाने चला गया. उन्होंने बताया कि स्कूल में किसी भी बच्चे से जबरन काम नहीं कराया जाता. वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है. एसडीआई स्तर पर स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
