Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 22 जुलाई को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है. बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने, SIT की अंतिम रिपोर्ट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. इधर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है. वही राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने 22 जुलाई को होने वाली बैठक से जुड़ी कई जानकारी मीडिया को दी है.
राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में होगी चर्चा
राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक 22 जुलाई को शाम 4 बजे अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में आयोजित होगी. बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट, ट्रस्ट के सीईओ से जुड़े विषय और मंदिर के प्रशासनिक व प्रबंधन संबंधी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी. माना जा रहा है कि बैठक में कई अहम फैसलों पर भी विचार किया जा सकता है.
दिनेंद्र दास बोले- सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की जानकारी नहीं
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने, SIT की अंतिम रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक विषयों पर चर्चा होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट की ओर से बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर सभी सदस्यों के बीच विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा.
23 जुलाई को वैष्णव संत-महंतों की भी होगी बैठक
दिनेंद्र दास ने बताया कि 23 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के संत-महंतों की भी बैठक प्रस्तावित है. इस बैठक में मौजूदा परिस्थितियों समेत विभिन्न धार्मिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी. इसके बाद संत-महंत सामूहिक रूप से आगे की रणनीति और अन्य मुद्दों पर निर्णय लें.
राहुल गांधी और खरगे ने भी की स्वतंत्र जांच की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की तत्काल, स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि जांच के दायरे में नकदी, सोना, चांदी समेत मंदिर में मिलने वाले सभी चढ़ावे के प्रबंधन को शामिल किया जाए.
दोनों नेताओं ने पत्र में यह भी कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उसके निष्कर्ष और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिल सके कि उनके चढ़ावे का उपयोग किस प्रकार किया गया है. उनका कहना है कि इससे मामले में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत होगा.
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