‘उठ जाग मुसाफिर...’, राजभर ने अखिलेश को क्यों दी आंखें खोलने की नसीहत? ‘चवन्नी’ पर छिड़ा नया संग्राम

UP Politics News: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने 'उठ जाग मुसाफिर' कहकर अखिलेश को जगाने की कोशिश की है और जातियों को लेकर दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए हैं.

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी ने गर्मी बढ़ा दी है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया. उन्होंने सहारनपुर में जनसभा को लेकर सवाल उठाने के साथ ही जातियों को लेकर दिए जा रहे कथित बयानों पर भी हमला बोला. उनके पोस्ट में 2017 की सत्ता का जिक्र भी है. यही वजह है कि उनका बयान अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है.

अखिलेश यादव को दी सीधी चुनौती

ओम प्रकाश राजभर ने अपने X पोस्ट की शुरुआत भजन की पंक्ति से की. उन्होंने लिखा, "उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो तू सोवत है." इसके बाद राजभर ने लिखा कि यह भजन अखिलेश भाई के लिए है और उन्हें जागकर आंखें खोल लेनी चाहिए.

सहारनपुर जाने पर उठाया सवाल

राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या उन्हें सहारनपुर जाने और वहां जनसभा को संबोधित करने में हिम्मत नहीं हो रही है. उन्होंने 'चवन्नी' के मुद्दे को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कथित नाराजगी का दावा किया. राजभर ने कहा कि 36 बिरादरी उनके खिलाफ खड़ी हो गई है.

जातीय बयानों पर भी घेरा

ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव और उनके समर्थकों पर जातियों को लेकर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि किसी जाति को 'चवन्नी', किसी को 'नीच', किसी को 'वेश्या' और किसी को 'चोर' कहने से आखिर क्या हासिल होता है. उन्होंने इसे अखिलेश यादव के पीडीए की राजनीति से जोड़ते हुए भी सवाल उठाया.

2017 का जिक्र, 2027 पर भी निशाना

राजभर ने आगे लिखा कि अखिलेश यादव अभी भी लाठी के दम पर सरकार बनाने के भ्रम में हैं. उन्होंने कहा कि 'लठैतों का दौर' 2017 में चला गया और अब वापस नहीं आने वाला. दादरी की सभा का जिक्र करते हुए राजभर ने उसे फ्लॉप बताया. साथ ही दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश में भी इसी तरह का असर देखने को मिलेगा. पोस्ट के अंत में राजभर ने खुद को अखिलेश यादव का शुभचिंतक बताते हुए सलाह देने की बात कही. उन्होंने अपने संदेश का समापन जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराज सुहेलदेव और जय सुभासपा के नारों के साथ किया.

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By अंजली कश्यप

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