Meerut Haridwar Expressway: उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विस्तार को मंजूरी दी गई. परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
मेरठ से हरिद्वार तक होगा विस्तार
मंजूर परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक जोड़ेगी. यह छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है. इस विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को हरिद्वार से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
बिजनौर और आसपास के इलाकों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना से बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों की हरिद्वार से कनेक्टिविटी बेहतर होगी. मौजूदा समय में बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल किया जाता है. नए एक्सप्रेसवे से यात्रा को अधिक तेज और सुगम बनाने का लक्ष्य है.
दो कुंभ नगरियां होंगी सीधे जुड़ी
सरकार के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से गंगा किनारे बसे दो प्रमुख कुंभ नगरों- प्रयागराज और हरिद्वार- के बीच तेज और नियंत्रित एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी विकसित होगी. इससे धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अब तैयार होगी डीपीआर
कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने समेत आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. परियोजना का पूरा निर्माण खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी और केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है. सरकार को उम्मीद है कि बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
