UP News: रूस की राजधानी मॉस्को में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने पति की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. महिला का आरोप है कि उनके पति को मॉस्को की स्थानीय पुलिस रात में जबरन पकड़कर अपने साथ ले गई और इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. महिला को आशंका है कि उनके पति को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया जा सकता है.
नोएडा की कंपनी से जुड़े हैं पति, परिवार के साथ रूस में रह रहे थे
महिला के मुताबिक, उनके पति चंदन गुप्ता मूल रूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. वह नोएडा सेक्टर-62 की यूफ्लेक्स कंपनी से जुड़ी एएच पॉलीफिल्म्स कंपनी में इंजीनियर हैं और कंपनी के जरिए वर्क वीजा पर मॉस्को में तैनात थे. चंदन के साथ उनकी पत्नी और 10 साल का बेटा भी रूस में रह रहा है. महिला का कहना है कि रात करीब साढ़े 12 बजे स्थानीय पुलिस उनके पति को पकड़कर ले गई. इसके बाद से वह उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं.
रूसी भाषा नहीं आने से बढ़ी परेशानी
महिला ने वीडियो के जरिए अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें रूसी भाषा नहीं आती, जिसकी वजह से स्थानीय पुलिस से बातचीत करने में भी दिक्कत हो रही है. उनका आरोप है कि उनके पति ने कोई गलती नहीं की है, फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद पति को जेल भेजे जाने की बात कहते हुए महिला ने सीएम योगी से जल्द हस्तक्षेप कर मदद दिलाने की अपील की है. उन्हें डर है कि उनके पति को जेल से निकालकर रूसी सेना में भेजा जा सकता है.
रूस में भारतीयों को सेना में भेजे जाने का भी किया दावा
महिला ने अपने वीडियो में रूस में काम करने गए भारतीयों को लेकर भी चिंता जताई. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश से 14 लोगों को मजदूरी के लिए रूस बुलाया गया था, लेकिन उन्हें सेना में भेज दिया गया, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो गई. इसी वजह से उन्हें अपने पति को लेकर भी डर सता रहा है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है. अब परिवार की नजर इस बात पर है कि पति की रिहाई और सुरक्षा को लेकर भारतीय और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है.
